5 दिन से यूसीआईएल मिल बंद पदाधिकारीयों के छूटे पसीना, करोड़ों रुपये का नुकसान
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा. जादूगोड़ा का यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) का मिल बीते 5 दिनों से पूरी तरह बंद है। मिल बंद होने से जादूगोड़ा माइंस, बागजाता माइंस, नरवा माइंस और भाटिन माइंस के उत्पादन पर असर पड़ा है। यूसीआईएल को रोजाना करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है।
मिल बंद होने की वजह विस्थापित ग्रामीणों का विरोध है। ग्रामीण पुनर्वास की मांग पर अड़े हैं। वे बिना पुनर्वास के पाइप जोड़ने नहीं दे रहे। अधिकारियों के समझाने के बाद भी ग्रामीण मानने को तैयार नहीं हैं।
चाटीकोचा बेरोजगार विस्थापित समिति के सदस्य और ग्राम प्रधान मेघ राय सोरेन ने बताया कि मंगलवार को विस्थापित और यूसीआईएल के अधिकारी पुनर्वास स्थल का निरीक्षण करेंगे। जब तक सभी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक पाइप नहीं जोड़ा जाएगा।
यूसीआईएल के प्रभारी सीएमडी की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि अधिकारी समय रहते सतर्क रहते और ग्रामीणों की मांगें मान लेते तो यह स्थिति नहीं आती।
जादूगोड़ा मजदूर यूनियन के पूर्व महासचिव बी. एन चौधरी ने कहा कि यूसीआईएल की पूरी व्यवस्था चरमरा गई है। अधिकारी जिम्मेदारी से काम नहीं कर रहे। ग्रामीणों से किए गए वादे पूरे नहीं हो रहे। पहले ग्रामीणों और यूसीआईएल के बीच तालमेल था, अब अधिकारियों की मनमानी से नाराजगी बढ़ी है।
संयुक्त यूनियन के सदस्यों ने बताया कि यूसीआईएल के लेखा विभाग में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार है। 90% काम लेखा विभाग की गड़बड़ी से रुक रहे हैं। कई महीनों से लोगों के बिल पेंडिंग हैं। टेंडर भी नहीं हो पा रहे। लेखा विभाग के अधिकारियों और कर्मियों का तबादला जरूरी है।
चाईबासा में एएलसी सर्वेश कुमार के यहां यूसीआईएल प्रबंधन और संयुक्त यूनियन की बैठक हुई। बैठक में 2018 से अब तक मजदूरों को जूता और यूनिफॉर्म नहीं देने का मुद्दा उठा। लेकिन यूसीआईएल प्रबंधन जरूरी कागजात नहीं लाया, जिससे बैठक स्थगित करनी पड़ी। एएलसी ने यूसीआईएल प्रबंधन को फटकार लगाई।
बैठक में यूसीआईएल की ओर से गिरीश गुप्ता और डी हंसदा शामिल हुए। संयुक्त यूनियन की ओर से सुरजीत सिंह, मुरली राव, मुकेश कुमार, पंकज कुमार, भोगल मार्डी, लखन माझी और सुरजीत मिश्रा मौजूद थे। यूनियन नेताओं ने यूसीआईए

