राष्ट्र संवाद संवाददाता
चांडिल। शहीद खुदीराम बोस चौक पर मंगलवार को शहीद खुदीराम बोस स्मारक समिति की ओर से महान क्रांतिकारी शहीद खुदीराम बोस का शहादत दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में समिति के सदस्यों ने शहीद खुदीराम बोस के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके बलिदान को याद किया।
सभा को संबोधित करते हुए अनंत कुमार महतो ने कहा कि खुदीराम बोस ने जिस उद्देश्य और आजादी के लिए अपना जीवन बलिदान किया, उससे प्रेरित होकर देश के हजारों नौजवान स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़े। उनके बलिदान ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि खुदीराम बोस ने जिस समाज का सपना देखा था, वह आज भी पूरी तरह साकार नहीं हो पाया है। उनके अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष करना ही शहीद खुदीराम बोस स्मारक समिति का लक्ष्य है।
उन्होंने कहा कि आज भी समाज के साधारण और जरूरतमंद लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और न्याय जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। इन मुद्दों को लेकर संघर्ष करने के लिए खुदीराम बोस की विचारधारा और उनके संघर्ष से प्रेरणा लेने की जरूरत है।
कार्यक्रम के अंत में भुजंग मछुआ ने शहीद खुदीराम बोस पर रचित गीत प्रस्तुत कर माहौल को भावपूर्ण बना दिया।
इस अवसर पर समिति के सचिव आशुदेव महतो, भुजंग मछुआ, धनपति गोप, डॉ. सुभाष गोराई, कृष्ण चंद्र महतो, दिलीप महतो, शिष्टिधर महतो, राजा प्रामाणिक और प्रभात कुमार महतो समेत अन्य लोग उपस्थित थे।

