लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
साकची शिव मंदिर में सामूहिक जलाभिषेक का भव्य आयोजन मंगलवार को सुल्तानगंज से लाए गए पवित्र गंगाजल के साथ संपन्न हुआ।
साकची शिव मंदिर में सामूहिक जलाभिषेक का धार्मिक महत्व
राष्ट्र संवाद संवाददाता जमशेदपुर। साकची शिव मंदिर में सुल्तानगंज से टैंकर के माध्यम से लाए गए पवित्र गंगाजल से बाबा भोलेनाथ का सामूहिक जलाभिषेक किया गया। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में समाज के महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।
इस अवसर पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने भी बाबा भोलेनाथ को गंगाजल अर्पित कर पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच जलाभिषेक कराया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
सुल्तानगंज से गंगाजल लाने की परंपरा और व्यवस्था
साकची शिव मंदिर में प्रति वर्ष सावन माह में सुल्तानगंज के पवित्र गंगाजल से जलाभिषेक की पुरानी परंपरा रही है। इस वर्ष विशेष टैंकरों के माध्यम से सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय कर गंगाजल जमशेदपुर लाया गया। जिला प्रशासन और मंदिर समिति के संयुक्त प्रयास से यातायात एवं सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पवित्र सुल्तानगंज उत्तरवाहिनी गंगा का जल शिवभक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। मान्यता है कि इस जल से अभिषेक करने पर भोलेनाथ शीघ्र प्रसन्न होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास की उपस्थिति ने बढ़ाया उत्साह
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास की उपस्थिति ने श्रद्धालुओं के उत्साह को दोगुना कर दिया। उन्होंने मंदिर गर्भगृह में विधि-विधान से जलाभिषेक किया और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इस दौरान उनके साथ भाजपा के कई वरिष्ठ नेता, स्थानीय पार्षद एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। रघुवर दास ने मीडिया से बातचीत में कहा कि “सावन का महीना भक्ति और शक्ति का महीना है, बाबा भोलेनाथ का आशीर्वाद सभी पर बना रहे।” उनके इस वक्तव्य का उपस्थित जनसमूह ने जयकारे लगाकर स्वागत किया।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ अनुष्ठान
मंदिर के प्रधान पुजारी पंडित श्री महेंद्र उपाध्याय के नेतृत्व में एकादश ब्राह्मणों द्वारा रुद्राभिषेक का पाठ किया गया। घंटे-घड़ियाल, शंखनाद और हर-हर महादेव के उद्घोष से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालु कतारबद्ध होकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक थी, जो मंगल गीत गाते हुए जलाभिषेक के लिए आगे बढ़ रही थीं। मंदिर समिति के अध्यक्ष श्री गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने बताया कि इस बार लगभग 15 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक में भाग लिया।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रबंध
भीषण गर्मी और उमस को देखते हुए मंदिर परिसर में पेयजल, छाया हेतु पंडाल, प्राथमिक चिकित्सा शिविर एवं खोया-पाया केंद्र की व्यवस्था की गई थी। जिला पुलिस बल के अलावा महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। यातायात सुगम रखने के लिए साकची मुख्य मार्ग को भारी वाहनों के लिए प्रतिबंधित कर डायवर्जन लागू किया गया था। स्थानीय सामाजिक संस्थाओं द्वारा शरबत, फलाहार एवं प्रसाद वितरण के स्टॉल लगाए गए थे।
धार्मिक सौहार्द का प्रतीक बना आयोजन
साकची शिव मंदिर का यह वार्षिक आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता का भी प्रतीक है। विभिन्न वर्गों, समुदायों और आयु वर्ग के लोग यहां एकत्र होकर भक्ति भाव में डूब जाते हैं। इस अवसर पर शहर के कई मुस्लिम बंधुओं ने भी श्रद्धालुओं को पानी पिलाकर और व्यवस्था में सहयोग कर भाईचारे की मिसाल पेश की। मंदिर समिति के सचिव श्री विकास सिंह ने सभी सहयोगियों, प्रशासन, पुलिस एवं मीडिया का आभार व्यक्त किया।

