प्रतापगढ़ में ट्रेन हादसा: रेलवे ट्रैक पर चर रही 30-35 बकरियां पल भर में रौंदी गईं, परिवार की आजीविका उजड़ गई
राष्ट्र संवाद संवाददाता
इंद्र यादव/उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर आई है। खिदिरपुर गांव के हथिगवां थाना क्षेत्र में रेलवे ट्रैक के पास बकरियां चरा रही एक गरीब परिवार पर अचानक मुसीबत का पहाड़ टूट पड़ा। तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आकर करीब 30 से 35 बेजुबान बकरियों की दर्दनाक मौत हो गई। परिवार की रोजी-रोटी का सहारा पल भर में खत्म हो गया।
घटना उस वक्त की है जब स्थानीय परिवार की महिलाएं अपनी बकरियों को रेलवे ट्रैक के आसपास चरा रही थीं। अचानक सिग्नल हरा हो गया और दूर से एक ट्रेन तेज रफ्तार से आती नजर आई। महिलाओं के हाथ-पांव फूल गए। वे चीखते-चिल्लाते अपनी बकरियों को पटरी से हटाने के लिए दौड़ पड़ीं। लेकिन बेजुबान जानवर डर के मारे इधर-उधर भागने लगे और पटरी पर ही अटक गए।
देखते ही देखते ट्रेन ने बकरियों को कुचल दिया। खून से सना ट्रैक, बिखरे हुए शव और चीख-पुकार का माहौल बन गया। हादसे के बाद ट्रेन करीब 20 मिनट तक मौके पर रुकी रही। स्थानीय लोग और पुलिस प्रशासन पहुंचे। पीड़ित परिवार रो-रोकर बेहाल हो गया। महिलाओं का कहना है कि ये बकरियां ही उनकी जिंदगी का सहारा थीं। अब क्या खाएंगे, कैसे जिएंगे—यह सवाल उनके मन में घूम रहा है।
यह हादसा सिर्फ जानवरों की मौत नहीं, बल्कि एक गरीब परिवार की आजीविका के उजड़ने की कहानी है। रेलवे ट्रैक के आसपास मवेशी चराने का खतरा एक बार फिर सामने आ गया है। प्रशासन से मांग की जा रही है कि ऐसे इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और जागरूकता बढ़ाई जाए, ताकि भविष्य में कोई और परिवार इस तरह की त्रासदी का शिकार न हो।

