पूरे देश में राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा की चर्चा है, तो उधर बिहार में भी तीन तीन यात्राएं निकल रही हैं, क्यों ?
राजनीति में जब किसी दल के साथ बात नहीं बनी, तो अपने दम पर राजनीति में प्रवेश के लिए सियासी घर बनाने के मकसद से प्रशांत किशोर सुराज यात्रा कर रहे हैं, तो कांग्रेस हाथ से हाथ जोड़ो यात्रा बिहार में निकाल कर सियासी घर ठीक करने में लगी है, वहीं महागठबंधन में वापसी के बाद राज्य में अपना सियासी घर बचाने के लिए सीएम नीतीश कुमार समाधान यात्रा पर हैं!
खबरों की मानें तो अपनी यात्रा के दौरान सीएम नीतीश कुमार सरकारी कामकाज का जायजा लेंगे, विकास योजनाओं की समीक्षा करेंगे, वहीं शराबबंदी को लेकर जागरूकता अभियान भी चलाएंगे.
कांग्रेस नें हाथ से हाथ जोड़ो यात्रा शुरू कर रखी है, प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद के नेतृत्व में यह यात्रा चल रही है, जिसमें गुरुवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी शिरकत की है, बिहार में हाथ से हाथ जोड़ो यात्रा 20 जिलों में करीब 1200 किलोमीटर की दूरी तय करेगी.
बिहार के सियासी जमीन तलाश रहे चुनावी रणनीतिकार पीके, बोले तो…. प्रशांत किशोर भी 2 अक्टूबर 2022, गांधी जयंती से जन सुराज यात्रा पर हैं, लेकिन उनके सियासी निशाने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव है, जन सुराज यात्रा बिहार के सभी जिलों से गुजर रही है और करीब 3000 किलोमीटर की यात्रा तय करेगी.
देखना दिलचस्प होगा कि ये यात्राएं 2024 तक अपने मकसद में कितनी कामयाब होती हैं, इन यात्राओं से गैरभाजपाइयों को कितना राजनीतिक फायदा होता है और बीजेपी का कितना नुकसान होता है?

