Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » तबाही में भी बंटा इंसानियत का तराज़ू , धराली आपदा पर धर्म की सियासत हावी
    Breaking News Headlines उत्तर प्रदेश ओड़िशा खबरें राज्य से झारखंड पश्चिम बंगाल बिहार राजनीति राष्ट्रीय

    तबाही में भी बंटा इंसानियत का तराज़ू , धराली आपदा पर धर्म की सियासत हावी

    “धराली में तबाही से ज़्यादा नुकसान लोगों की सोच के बंटने से हो रहा है,”
    Devanand SinghBy Devanand SinghAugust 9, 2025No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    तबाही में भी बंटा इंसानियत का तराज़ू , धराली आपदा पर धर्म की सियासत हावी

    राष्ट्र संवाद संवाददाता
    उत्तराखंड धराली:उत्तरकाशी जिले के धराली और आसपास के क्षेत्रों में हाल ही में बादल फटने से तबाही मच गई। कई घर बह गए, दर्जनों परिवार बेघर हो गए और जनहानि का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। लेकिन राहत और बचाव के इस मुश्किल दौर में भी इंसानियत का धर्म कांटा हिंदू-मुस्लिम में बंटता नज़र आया।

     

    स्थानीय लोगों का कहना है कि आपदा में फंसे लोगों की मदद और संवेदना के बजाय चर्चा इस बात पर होने लगी कि पीड़ित किस धर्म से हैं। सोशल मीडिया से लेकर कुछ राजनीतिक बयानों तक, आपदा को सांप्रदायिक चश्मे से देखने की कोशिश ने माहौल को और कड़वा कर दिया।

     

    विशेषज्ञ मानते हैं कि यह रुझान खतरनाक है, क्योंकि इससे असली मुद्दे — जैसे आपदा प्रबंधन की कमी, पर्यावरणीय चेतावनी व्यवस्था का अभाव, और राहत कार्य की पारदर्शिता हाशिए पर चले जाते हैं। “धराली में तबाही से ज़्यादा नुकसान लोगों की सोच के बंटने से हो रहा है,” एक स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा।

     

    धराली आपदा एक बार फिर यह सवाल छोड़ जाती है — क्या हम किसी का दर्द बांटने से पहले उसकी जात-धर्म की पहचान तौलेंगे, या इंसानियत का तराज़ू फिर से बराबरी पर लाने की कोशिश करेंगे?

     

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleजुगसलाई विधायक मंगल कालिंदी को बहनों ने बांधी राखी
    Next Article मुख्यमंत्री ने अपने पैतृक गांव की खेती-किसानी का लिया जायजा। किसानों -खेतिहरों से मिलकर कर उनकी दिक्कतों एवं जरुरतों के बारे में जानकारी ली।

    Related Posts

    माँ महागौरी की कृपा सभी पर बनी रहे : अमरप्रीत सिंह काले

    October 18, 2026

    झारखंड के मुख्यमंत्री ने पैतृक गांव में अपनी मां रूपी सोरेन का श्राद्ध किया

    October 18, 2026

    नए नेतृत्व में झारखंड भाजपा को मिलेगी नई ऊर्जा : अमरप्रीत सिंह काले

    October 18, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    Практичний блог для щоденних рішень: дім, сім’я, здоров’я та навчання

    माँ महागौरी की कृपा सभी पर बनी रहे : अमरप्रीत सिंह काले

    झारखंड के मुख्यमंत्री ने पैतृक गांव में अपनी मां रूपी सोरेन का श्राद्ध किया

    नए नेतृत्व में झारखंड भाजपा को मिलेगी नई ऊर्जा : अमरप्रीत सिंह काले

    चतरा एसपी अनिमेष नैथानी की त्वरित कार्रवाई से नाबालिग की हत्या का खुलासा, एसपी अनिमेष नैथानी की कार्यशैली की जमकर हो रही है सराहना

    Gigaspinz Casino: Snelle Mobiele Sessies Tussen de Momenten van je Dag

    नागा साधु की पिटाई: बोकारो में भीड़ ने आरोपी को पीटा, पुलिस ने बचाया

    ओलीडीह में ब्राउन शुगर की बिक्री करते युवक गिरफ्तार, 2.53 ग्राम मादक पदार्थ बरामद

    राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के पैतृक गांव नेमरा पहुंचकर स्वर्गीय रूपी सोरेन को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

    गिद्दी में सीसीएल कर्मी मंगलेश सिंह की पत्नी के सामने निर्मम हत्या, चाकू से किए कई वार

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.