तिरुलडीह के मुखिया ने अवैध बालू खनन व भंडारण के विरुद्ध थाना प्रभारी व बालू माफियाओं पर लगाया कई संगीन आरोप
पुलिस महानिदेशक, पुलिस उप-महानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षक, उपायुक्त व जिला खनन पदाधिकारी को दिया पत्र
राष्ट्र संवाद संवाददाता
चांडिल : चांडिल अनुमंडल क्षेत्र स्थित कुकड़ु प्रखंड स्थित तिरुलडीह स्वर्णरेखा नदी में अवैध बालू खनन , भंडारण सहित परिवहन के विरुद्ध , मुखिया सुधीर सिंह मुंडा ने मोर्चा खोल दिया, सरायकेला खरसावां के पुलिस अधीक्षक को पत्र सौंपा। कुकड़ू प्रखंड के तिरुलडीह पंचायत के मुखिया सुधीर सिंह मुंडा ने पुलिस अधीक्षक को लिखे पत्र में ध्यानाकर्षित करते हुए, तिरुलडीह थाना अंतर्गत तिरुलडीह गांव के आसपास स्वर्णरेखा नदी में अवैध बालू उठाने के काम में तिरूलडीह थाना प्रभारी कौशल कुमार, पश्चिम बंगाल के कुछ माफिया तत्व तथा कुछ स्थानीय माफिया की मिलीभगत है। थाना प्रभारी के संरक्षण एवं मिली भगत से वे लोग हाईवा एवं ट्रकों के माध्यम से अवैध रूप से बालू का उठाव कर रहे हैं। यह गतिविधि मुख्य रूप से स्वर्णरेखा नदी के तिरूलडीह पुल और श्मशान घाट सिरकाडीह से की जा रही है। ऐसे अवैध बालू उठाव के क्रम में हाईवा गाड़ी के आने-जाने से तिरूलडीह नदी पर ग्रामीणों के आवागमन के लिए बने पूल की स्थिति भी जर्जर एवं दयनीय हो गई है। इसके अतिरिक्त हाईवा एवं ट्रकों द्वारा की जा रही बालू उठाव की अवैध गतिविधियों के कारण कई ग्रामीणों की जान भी जा चुकी है।
मुखिया ने आरोप लगाया कि इस क्रम में हमने ग्रामीणों की जान-माल एवं पुल की जर्जर स्थिति को देखते हुए 16 फरवरी को जब थाना प्रभारी के पास शिकायत लेकर गया और इस मामले को उजागर करने को कहें तो थाना प्रभारी महोदय ने मुझे अभद्र व्यवहार करते हुए जाहिल आदिवासी कहा और गंदी गंदी गालियां भी दी। धमकी भी दी कि तुम्हें झुठा आरोप लगाकर जेल भेज दूंगा और कहा अपने हिस्से के पैसे ले और मामला को रफा-दफा कर। अतः इस मामले को उच्चस्तरीय जांच करते हुए थाना प्रभारी एवं अन्य दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। ताकि भविष्य में जानमाल की क्षति न हो एवं राज्य के राजस्व की हिफाजत हो सके। कृपया मेरे इस शिकायत को गंभीरता से लेकर शीघ्र काईवाई की जाए। मुखिया द्वारा राज्य पुलिस महानिदेशक, झारखण्ड राज्य, कोल्हान पुलिस उप-महानिरीक्षक, जिला के उपायुक्त एवं जिला खनन पदाधिकारी को पत्र का प्रतिलिपि देकर कानूनी कार्रवाई करने का आग्रह किया।

