चतुर्थ बाल मेला का हुआ शानदार उद्घाटन
बच्चों के लिए दोगुना करेंगे बजटः वित्त मंत्री
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। स्वर्णरेखा क्षेत्र विकास ट्रस्ट और नेचर फाउंडेशन द्वारा आयोजित चतुर्थ बाल मेला का शुभारंभ प्रदेश के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बैलून उड़ाकर किया। उन्होंने घोषणा की कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार बाल बजट को 9000 करोड़ से बढ़ाकर 18000 करोड़ रुपये करने पर विचार कर रही है। वित्त मंत्री ने कहा कि “जिस समाज का बचपन कमजोर हो, उसकी जवानी भी कमजोर होती है” और बाल स्वास्थ्य–पोषण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि डीबी सुंदरारामम ने छोटे बच्चों को मोबाइल से दूर रखने और खेल व संवाद को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि पश्चिमी संस्कृति के अंधानुकरण से परिवारों में संवाद कम होता जा रहा है, जिसे बदलना होगा।
अध्यक्षता कर रहे विधायक सरयू राय ने कहा कि बाल मेला बच्चों के मानसिक संतुलन और सामाजिक जुड़ाव के उद्देश्य से 2022 में शुरू किया गया था। उन्होंने कहा कि शहर में खेल मैदानों की कमी गंभीर समस्या है, और बच्चों के लिए नए मैदानों की तलाश जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि 9100 करोड़ की बाल बजट राशि का वास्तविक उपयोग सुनिश्चित करना होगा।
गोविंद दोदराजका ने बाल मेले को शहर की पहचान बताते हुए कहा कि अगला आयोजन और भी बड़े पैमाने पर होगा। चेंबर अध्यक्ष मानव केडिया ने बच्चों को बाहर निकलकर पारंपरिक खेल खेलने की प्रेरणा दी और वर्ष में दो बार ऐसे मेले आयोजित करने का सुझाव दिया।
मेले में 50 स्टॉल लगाए गए थे।
संचालन मेला के आयोजक मनोज कुमार सिंह ने किया।
अतिथियों का स्वागत
वित्तमंत्री राधाकृष्ण किशोर का स्वागत आशुतोष राय ने किया। उन्हें अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया गया। इसके बाद सरयू राय, डीबी सुंदरारामम, मानव केडिया, डीबीएसएम के चेयरमैन चंद्रशेखरन, गोविंद दोदराजका, एके श्रीवास्तव, अभिषेक भालोटिया, अशोक गोयल का स्वागत किया गया। स्वागत गान गाया विद्या भारती चिन्मया विद्यालय, जमशेदपुर की विद्यार्थी अजेता ने।
कार्यक्रम को सफल बनाने में मेला सह संयोजक अशोक गोयल, आशुतोष राय, नीरज सिंह, सुबोध श्रीवास्तव, सुधीर सिंह, पिंटू सिंह, ममता सिंह, मंजू सिंह, अनिकेत सिंह सावरकर, विनीत, मार्शल मुर्मू आदि ने महती भूमिका निभाई।

