दो करोड़ की चारदीवारी पहली बारिश में ढही!
यूसीएल कॉलोनी में बाढ़ जैसे हालात, भ्रष्टाचार के आरोपों में फिर घिरे अधिकारी
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा।यूरेनियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूसीएल) की कॉलोनी की सुरक्षा के लिए बनाई गई बहुचर्चित चारदीवारी पहली ही बारिश में भरभराकर गिर गई। लगभग 2 करोड़ रुपए की लागत से बनी यह दीवार अब भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती दिख रही है। निर्माण कार्य ठेकेदार मनोरंजन सिंह द्वारा कराया गया था, लेकिन बारिश में इसकी पोल खुल गई। चारदीवारी का मकसद था कॉलोनी को चोरों और बाहरी जानवरों से सुरक्षित रखना। लेकिन दीवार के गिरने से यूसीएल को बड़ा नुकसान तो हुआ ही, लापरवाह अफसरों की कलई भी खुल गई है। कॉलोनी के लोगों में इसको लेकर जबरदस्त नाराजगी है।

स्थानीय निवासियों ने बताया कि निर्माण में घटिया ईंट, बालू और निर्माण सामग्री का उपयोग किया गया। यही वजह है कि दीवार कई जगहों से दरक गई और कुछ हिस्सों में पूरी तरह टूट गई है। दीवार टूटने से कॉलोनी में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। विशेष बात यह है कि राष्ट्र संवाद ने इस निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर पहले ही सवाल उठाए थे, लेकिन प्रबंधन ने न तो जांच कराई और न ही किसी जिम्मेदार पर कार्रवाई की।

यूसीएल के सिविल विभाग में कार्यरत अधिकारी दिलीप कुमार मंडल, जो पिछले 20 वर्षों से पद पर जमे हुए हैं, पर पहले भी भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि मंडल पर ऊपरी अधिकारियों की कृपा बनी हुई है, इसलिए उनके खिलाफ कभी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस बार यूसीएल प्रबंधन दीवार गिरने और करोड़ों की बर्बादी की जवाबदेही तय करेगा या हमेशा की तरह फाइल दबा दी जाएगी? “ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत से हुआ घटिया निर्माण, अब भुगत रही है जनता!”

