साहित्य उत्सव मे सम्मानित की गई भूमिज समाज के सुदर्शन, हरिश, मोनिका एवं नंदिनी
राष्ट्र संवाद संवाददाता
पोटका : पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन की ओर से आयोजित तीन दिवसीय प्रथम साहित्य उत्सव के अंतिम दिन भूमिज समाज के जुड़े लेखक, साहित्यकार एवं कवियों को सम्मानित किया गया. यह सम्मान उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के हाथों से दिया गया. इसमें साहित्य एवं संस्कृति के क्षेत्र मे चार दशक से उत्कृष्ठ कार्य करनेवाले सुदर्शन भूमिज (बालीडीह) एवं हरिश चंद्र सिंह भूमिज (चांदपुर) शामिल है, जबकि साहित्य के क्षेत्र मे युवा कवियित्री मोनिका सिंह (तिरिलडीह) एवं विजनेस वुमेन मे नंदिनी सिंह (गितीलता) को सम्मानित किया गया. सुदर्शन भूमिज एवं हरिश चंद्र सिंह भूमिज झारखंड, पश्चिमी बंगाल और ओडिशा मे भूमिज समाज के लोगों को भाषा एवं साहित्य से जोड़कर आगे बढ़ाने के काम कर रहे है.
*उपन्सासकार ने युवाओं से किया वार्ता, मोनिका ने भूमिज कविता पाठ किया*
प्रथम साहित्य उत्सव के अंतिम दिन चतुर्थ सेसन मे देश के जानेमाने उपन्यासकार एवं आलोचक चंद्रहास चौधरी ने पूर्वी सिंहभूम के अलग-अलग क्षेत्र के प्रतिभावान युवाओं से वार्ता किया, जिसमें भूमिज समाज से कवियित्री के रूप मे पोटका प्रखंड के तिरिलडीह की युवा मोनिका सिंह शामिल हुये, जबकि विजनेस वुमेन के रूप मे गितीलता की युवा नंदिनी सिंह भी शामिल रही. यहां दोनो ने अपने-अपने क्षेत्र मे यात्रा को शेयर किया. मोनिका सिंह भूमिज समाज की पहली युवा है, जिन्होंने भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की ओर से संचालित साहित्य ऑकादमी नई दिल्ली की ओर से पटना मे आयोजित तृतीय अंतराष्टीय साहित्य सम्मेलन मे भाग ले चुकी है. यहां मोनिका सिंह ने जंगल और प्रकृति से जुड़ा एक भूमिज कविता पाठ किया, जिसकी हिंदी अनुवाद भी सुनायी, जिसे सुनकर सभी ने जमकर सराहा और आगे बढ़ने के लिये प्रेरित किया. विजनेस वुमेन नंदिनी सिंह ने टाटा स्टील फाउंडेशन से जुड़कर हेंडीक्राफ्ट के क्षेत्र मे कर रही कार्य और लोगों को रोजगार से जुड़ने के बारे मे विस्तार से जानकारी दिया. उन्होंने बताया कि वह बुजुर्गों को शिक्षा देने का भी काम करती है, जिससे की बुजुर्गों को भी शिक्षा का ज्ञान हो और छोटे-छोटे काम के लिये उन्ंहें परेशानी नहीं हो. वह गांव की पहली युवा है, जो मुंबई, पुना आदि क्षेत्र मे जाकर अपने हेंडीक्राफ्ट का स्टॉल लगा चुकी है.

