‘शिक्षा में रंगमंच’ कार्यशाला में विद्यार्थियों ने सीखे अभिनय और रचनात्मक अभिव्यक्ति के गुर
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर, 20 सितंबर। गीता थिएटर जमशेदपुर एवं जमशेदपुर स्कूल ऑफ ड्रामा के संयुक्त तत्वावधान में गिरजाघर हॉल, बाराद्वारी में ‘शिक्षा में रंगमंच–रविवार रंगमंच कार्यशाला’ का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विद्यार्थियों एवं युवाओं को रंगमंच के माध्यम से व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास और रचनात्मक अभिव्यक्ति के महत्व की जानकारी दी गई। केरला पब्लिक स्कूल, बार्मामाइंस के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
युवा फिल्मकार एवं रंगकर्मी प्रेम शर्मा ने रंगमंच से सिनेमा तक के अपने अनुभव साझा करते हुए अभिनय और मंचीय अभिव्यक्ति से जुड़ी गतिविधियां कराईं। वहीं रीमा डे ने शिक्षा में रंगमंच की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रंगमंच विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, संवाद क्षमता, कल्पनाशक्ति, टीमवर्क और रचनात्मक सोच विकसित करने का प्रभावी माध्यम है।
कार्यशाला में प्रतिभागियों को नाट्य एवं एंकरिंग, नृत्य-गीत, मॉडलिंग और चित्रांकन जैसी विभिन्न कला विधाओं से भी परिचित कराया गया। आयोजकों ने बताया कि यह कार्यशाला हर रविवार जारी रखने की योजना है। सक्रिय प्रतिभागियों को निःशुल्क थिएटर क्लास से जुड़ने तथा चयनित प्रतिभागियों को राष्ट्रीय रंगमंच महोत्सव में भाग लेने का अवसर मिलेगा। सभी प्रतिभागियों को सम्मान पत्र भी प्रदान किया जाएगा।
आयोजकों ने बताया कि अभियान को शहर के अधिक से अधिक विद्यालयों तक पहुंचाने के लिए जिला शिक्षा एवं कला-संस्कृति से जुड़े अधिकारियों से प्रशासनिक सहयोग लेने की तैयारी की जा रही है।

