लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुवेंदु अधिकारी ने बकरीद के अवसर पर नदिया जिले स्थित मायापुर इस्कॉन के वैश्विक मुख्यालय पहुंचकर गो-पूजा की और विशेष संदेश देने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनकी पहली मायापुर यात्रा बताई जा रही है।
शुवेंदु अधिकारी ने गौ सेवा, आध्यात्म और सांस्कृतिक विरासत पर दिया जोर
जानकारी के अनुसार, शुवेंदु अधिकारी गुरुवार सुबह पारंपरिक सफेद धोती-कुर्ता पहनकर नंगे पैर इस्कॉन गोशाला पहुंचे। यहां उन्होंने गायों को फल, मिठाई और हरा चारा खिलाया तथा “गोपी-जन गो सेवा” कार्यक्रम के तहत गो-आरती में हिस्सा लिया। इसके बाद उन्होंने यज्ञ में आहुति दी और चंद्रोदय मंदिर में ध्यान एवं प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री की यात्रा के दौरान मायापुर और आसपास के क्षेत्रों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। भारी संख्या में पुलिस बल और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई। मंदिर परिसर में भक्तों और स्थानीय लोगों की भीड़ उमड़ी रही तथा कीर्तन और भजन से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
इस्कॉन प्रवक्ताओं के अनुसार, मुख्यमंत्री ने संगठन की गो-सेवा, शिक्षा और आध्यात्मिक गतिविधियों में गहरी रुचि दिखाई तथा भिक्षुओं के साथ संवाद भी किया। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के सेवा, शिक्षा और अध्यात्म के आदर्शों का भी उल्लेख किया।
राजनीतिक विश्लेषकों ने इस यात्रा को सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान से जोड़कर देखा है। उनका मानना है कि हाल के समय में भाजपा पश्चिम बंगाल में धार्मिक और सांस्कृतिक संस्थाओं के साथ संपर्क बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है।

