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    Home » सभी मंदिरों में एक दान पात्र गौ माता की सेवा के लिए रखना चाहिए- वृजनंदन शास्त्री
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    सभी मंदिरों में एक दान पात्र गौ माता की सेवा के लिए रखना चाहिए- वृजनंदन शास्त्री

    News DeskBy News DeskDecember 29, 2022No Comments3 Mins Read
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    सभी मंदिरों में एक दान पात्र गौ माता की सेवा के लिए रखना चाहिए- वृजनंदन शास्त्री

    मानगो वसुन्धरा एस्टेट में भागवत और शिव कथा महोत्सव का चौथा दिन

    जमशेदपुर। मानगो एनएच 33 स्थित वसुन्धरा एस्टेट में चल रहे श्रीमद् भागवत और श्री पाशुपात्य व्रत शिवकथा महोत्सव ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन गुरूवार को वृन्दावन से पधारे कथा वाचक स्वामी वृजनंदन शास्त्री महाराज ने विश्वनाथ मल्लिका और भगवान भोलेनाथ की परम भक्त सेवंती की कथा का विस्तार से वर्णन किया। कहा कि सेवंती की तरह अगर भगवान शिव पर श्रद्धा और विश्वास हो तो निश्चित ही शिव कृपा होगी। गुरुजी ने गौमाता के संरक्षण हेतु कहा कि हर मंदिर में एक दान पात्र गौ माता की सेवा के लिए रखना चाहिए। महाराज जी ने कहा कि धर्म को बचाने के लिए धन की आवश्यकता होती है। उन्होंने सेवा को सबसे बड़ा शस्त्र बताया। कार्तिकेय भगवान गणेश से उम्र में बड़े हैं।

     

    लेकिन एक श्राप के कारण कार्तिकेय हमेशा बाल्य रूप में रहते हैं। महाराज ने अपनी सुमधुर वाणी से शिव पुत्र गणेश कार्तिक महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि धरती में 1 मुख से 14 मुख तक के रुद्राक्ष होते हैं और सभी रुद्राक्ष अलग-अलग होते है। शिव कथा में रुद्राक्ष की महिमा का गुणगान करते हुए कथा वाचक ने आगे कहा कि ब्रह्मांड में सबसे बड़ा रुद्राक्ष है। मात्र रुद्राक्ष शब्द के उच्चारण से भाव स्पन्द उठते हैं जो अंतरात्मा को स्पर्श करते हैं और भगवान् के समीप लाते हैं। हमारे शास्त्र भी रुद्राक्ष नाम का उच्चारण, उसके दर्शन, स्पर्श व धारण का महत्व बताते हैं।

     

    जनधारणा के अनुसार अगर भगवान शिव और माता पार्वती को खुश करना हो तो रुद्राक्ष धारण करना चाहिए। रुद्राक्ष का अक्ष हमें रक्षा व सुरक्षा प्रदान करता है, और हमारी आध्यात्मिक यात्रा में बाधाओं का सामना करने में हमारी मदद करता है। शिव पुराण में कहा गया है कि रुद्राक्ष पहनने वाला भगवान शिव के साथ पहचान प्राप्त करता है। महाराज जी ने कथा के माध्यम से भगवान श्री शिव के अलग-अलग रूपों की जीवंत झांकियों का दर्शन कराया। शिव कथा के दौरान हुए भजन संगीत कार्यक्रम एवं धार्मिक धुन पर श्रद्धालुओं ने नृत्य किया। आज के यजमान किरण-उमाशंकर शर्मा थे।

     

    गौशाला जाकर की गौ पूजाः- गुरूवार को वृजनंदन शास्त्री जी भक्तों के साथ एनएच 33 स्थित उमाशंकर शर्मा द्धारा संचालित गौशाला में जाकर गौ सेवा एवं पूजा की। जानकारी हो कि ब्रज सेवा धाम ट्रस्ट के मार्गदर्शक वृजनंदन शास्त्री के दिव्य प्रेरणा से उमाशंकर शर्मा परिवार द्धारा गौशाला संचालित किया जा रहा है,

     

    जिसमें वर्तमान में 50 गाय हैं। बर्मामाइंस स्थित शर्मा परिवार की कंपनी में भी शास्त्री जी पहुॅचे और पूजा की। महाराज जी ने सभी कर्मचारियों को आशीर्वाद दिया। आज विभिन्न राजनीतिक एंव सामाजिक संगठन के गणमान्य विधायक सरयू राय, ज़िला परिषद अध्यक्ष बारी मुर्मू, भाजपा नेता राजेश शुक्ला, नीरज सिंह, अमरेनद्र्र पासवान, विनोद राय, कांग्रेस नेता अजय सिंह रविन्द्र झा,

     

    समाजसेवी दिनेश सोंथलिया अशोक गोयल, शैलेंद्र सिंह, मनोज वाजपेयी, प्रदीप मुखर्जी, रश्मी साहू, अरुण पांडेय,् प्रवीण सिंह, धर्मेन्द्र, शंकर रेड्डी, गुड्डू जयसवाल, बाबुलाल, मनोज जायसवाल, अजय जायसवाल, नवीन सिंह, अमरेंद्र पासवान, संदीप शर्मा, संजय सिंह, गोपी चौधरी, मधु सिन्हा, रीना सिंह, विकास साहनी, मनोरंजन सिंह, प्रवीण भालोटिया, कुमाद रंजन आदि ने शिव और बांके बिहारी के दरबार में हाजरी लगायी और कथा का आनन्द लिया। साथ ही स्वामी वृजनंदन शास्त्री से आर्शीवाद लिया और झारखंड के विकास की प्रार्थना की। आज के कार्यक्रम को सफल बनाने में कृष्ण शर्मा काली, जयप्रकाश शर्मा, गोविन्दा शर्मा, राखी शर्मा, रवि शर्मा, चंदन शर्मा, शत्रुधन शर्मा, श्रवण शर्मा, का योगदान रहा।

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