तीन साल से प्यासा सफीगंज, टेंडर पास फिर भी ठप काम—भाजपा ने विधायक मंगल कालिंदी पर लगाए गंभीर आरोप
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर के जुगसलाई अंतर्गत सफीगंज मोहल्ला पिछले तीन वर्षों से पेयजल संकट से जूझ रहा है। पानी जैसी बुनियादी सुविधा के लिए स्थानीय लोग नगर पालिका से लेकर डीसी कार्यालय तक कई बार आंदोलन कर चुके हैं। बावजूद इसके, सरकारी टेंडर स्वीकृत होने के बाद भी 4 इंच की पाइपलाइन अब तक बिछाई नहीं जा सकी है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि पाइपलाइन का कार्य जानबूझकर रोका जा रहा है।

भाजपा के हालिया धरना-प्रदर्शन के बाद जिलाध्यक्ष सुधांशु ओझा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जुगसलाई नगर परिषद के पदाधिकारियों से मुलाकात कर सात दिनों के भीतर जलापूर्ति शुरू करने की चेतावनी दी थी। दबाव के बाद पाइपलाइन का कार्य शुरू तो हुआ, लेकिन एक दिन में ही उसे रुकवा दिया गया।
भाजपा का आरोप है कि जुगसलाई विधायक मंगल कालिंदी और झामुमो कार्यकर्ताओं ने अधिकारियों पर दबाव बनाकर कार्य रुकवाया। पार्टी का कहना है कि बगल के मोहल्ले की पाइपलाइन जांच का बहाना बनाकर सफीगंज की सीधी टंकी से जुड़ने वाली नई लाइन का काम रोका गया, जो जानबूझकर देरी और अड़ंगा लगाने की साजिश है।
भाजपा जमशेदपुर महानगर के जिला महामंत्री अनिल मोदी ने इसे जनविरोधी और अमानवीय कृत्य बताते हुए कहा कि योजना स्वीकृत और टेंडर पास होने के बावजूद काम रुकना यह दर्शाता है कि जुगसलाई में विकास को बंधक बनाया गया है। वहीं, मंडल अध्यक्ष हन्नु जैन ने विधायक मंगल कालिंदी को विकास विरोधी करार देते हुए आरोप लगाया कि अधिकारियों और संवेदक पर कथित कमीशन का दबाव बनाया जा रहा है।
भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र पाइपलाइन का कार्य बहाल नहीं हुआ तो बस्तीवासी और भाजपा उग्र आंदोलन करेंगे। तीन वर्षों से प्यासे सफीगंज के लोगों के सामने आज भी सवाल कायम है—जब योजना और टेंडर दोनों पास हैं, तो आखिर किसके इशारे पर जनता को पानी से वंचित रखा जा रहा है?

