लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
सबुज संघ सोनारी काली पूजा का 63वां वार्षिक आयोजन इस वर्ष 7 से 13 नवंबर तक जमशेदपुर के सोनारी क्षेत्र में भव्य रूप से मनाया जा रहा है। श्री श्री काली पूजा सार्वजनिक समिति द्वारा आयोजित इस सप्ताह भर चलने वाले महोत्सव में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ गरबा-डांडिया, कला प्रतियोगिता, नृत्य और संगीत के विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल हैं।
सबुज संघ सोनारी काली पूजा का विस्तृत कार्यक्रम एवं मुख्य आकर्षण
समिति के अध्यक्ष अशोक गोयल ने बताया कि इस वर्ष की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। आयोजन का उद्घाटन 7 नवंबर को आरएसबी ग्रुप के चेयरमैन एसके बेहरा द्वारा किया जाएगा। पूजा के दौरान चंडी पाठ, पुष्पांजलि, आरती, भोग वितरण, नारायण भोज और विसर्जन शोभायात्रा जैसे प्रमुख धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे।
दिनवार कार्यक्रम विवरण (7-13 नवंबर)
- 7 नवंबर: पूजा पंडाल का भव्य उद्घाटन समारोह।
- 8 नवंबर: रात्रि 11:30 बजे मां काली की विशेष पूजा-अर्चना।
- 9 नवंबर: प्रातः 3 बजे पुष्पांजलि, प्रातः 5-7 बजे भोग वितरण, प्रातः 10:30 बजे चंडी पाठ एवं संध्या 7 बजे आरती।
- 10 नवंबर: संध्या 7 बजे आरती के पश्चात कोलकाता और जमशेदपुर के कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां।
- 11 नवंबर: दोपहर 2 बजे 15 वर्ष तक के बच्चों के लिए कला प्रतियोगिता, तत्पश्चात मानगो की राजा डांस एकेडमी के कलाकारों द्वारा नृत्य कार्यक्रम।
- 12 नवंबर: दोपहर 1:30 बजे नारायण भोज, संध्या 7 बजे आरती, रात्रि 8 बजे कला प्रतियोगिता विजेताओं का पुरस्कार वितरण, इसके बाद इंडियन आइडल 2020 की प्रतिभागी प्रियंका सूत्रधर और जी बांग्ला के देबांग्शु डे की विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियां।
- 13 नवंबर: सायं 5 बजे बालू घाट, डोबोमहानी, सोनारी से मां काली की विसर्जन शोभायात्रा प्रारंभ।
प्रमुख कलाकार एवं विशेष अतिथि
इस वर्ष के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कोलकाता और जमशेदपुर के ख्याति प्राप्त कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। विशेष आकर्षण के रूप में प्रियंका सूत्रधर (इंडियन आइडल 2020 फेम) और देबांग्शु डे (जी बांग्ला) 12 नवंबर की संध्या को अपनी गायकी से समां बांधेंगे। इनके अलावा स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के लिए कला एवं नृत्य प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया है।
समिति पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता (वर्ष 2026)
आयोजन को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए एक विस्तृत टीम गठित की गई है। प्रमुख पदाधिकारियों में अध्यक्ष अशोक गोयल, उपाध्यक्ष राज वर्मा, चेयरमैन आर.के. साही, महासचिव काजल मुखर्जी, सचिव कमल महतो शामिल हैं। संगीता बेहेरा मुख्य संरक्षक हैं, जबकि जय श्री गोयल और जया चौधरी संरक्षक की भूमिका में हैं। वित्तीय प्रबंधन बिशु नायक, मनोज मुखर्जी (कोषाध्यक्ष) तथा सीए सुदीप बनर्जी, सुशांतो रॉय (लेखा प्रभारी) देख रहे हैं।
मीडिया प्रभारी का दायित्व शुभांगी नायक, सुरज सिंह, के. हर्ष नायडू संभाल रहे हैं। कार्यक्रम प्रभारी सुवेंदु भौमिक और अनुज सान्याल हैं। भोग वितरण की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी तप सेन, रोहन मल्ल, अशोक बनर्जी, स्वपन मुखर्जी, तपस नंदी, अंजन सान्याल, तप घोश की टीम निभाएगी।
धार्मिक महत्व एवं सामाजिक सरोकार
काली पूजा बंगाली समुदाय ही नहीं, पूरे पूर्वी भारत की आस्था का प्रमुख केंद्र है। सबुज संघ सोनारी द्वारा विगत 63 वर्षों से निरंतर इस परंपरा का निर्वहन सामाजिक सौहार्द और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का जीवंत उदाहरण है। नारायण भोज और भोग वितरण जैसे कार्यक्रम समाज के सभी वर्गों को एक सूत्र में बांधते हैं। विसर्जन शोभायात्रा न केवल धार्मिक अनुष्ठान है, अपितु यह क्षेत्र की सामूहिक चेतना का प्रदर्शन भी है।
आयोजकों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए पूजा-अर्चना एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लें। प्रशासन द्वारा सुरक्षा एवं यातायात के विशेष प्रबंध किए गए हैं। अधिक जानकारी के लिए काली पूजा की परंपराओं के बारे में पढ़ा जा सकता है।
इस भव्य आयोजन में शहरवासियों की भारी उपस्थिति अपेक्षित है, जो जमशेदपुर की सांस्कृतिक विविधता और धार्मिक सहिष्णुता को प्रतिबिंबित करेगी।

