वन विभाग अधिकारी से मारपीट करने मामले में रूगुडीह पुलिस ने आठ लोगों को किया गिरफ्तार
राष्ट्र संवाद संवाददाता
बड़बिल:(ओडिशा)-बड़बिल तहसील क्षेत्र के केंदुडीह मे शुक्रवार को जंगल मे लकड़ी चुनने गए ग्रामीण संतोष मुंडा तथा रीना मुंडा और संतोष मुंडा की मौत हाथी के हमले से हो गई थी।आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग अधिकारी और कर्मचारी पर हमला करने और बंधक बनाने के क्रम में रविवार को रुगुडी पुलिस संज्ञान लेते हुए रुगुडी थाना अंर्तगत केंदूडीही ग्राम निवासी 45 वर्षीय सागर सेठी, 35 वर्षीय बनबासो सेठी, 20 वर्षीय देवा महाकुड़, 28 वर्षीय मुन्ना महाकुड़ , 20 वर्षीय पुरेन्द्र महाकुड़ ,23 वर्षीय सुरेन्द्र महाकुड़ ,19 वर्षीय सामल महाकुड़ और 40 वर्षीय भास्कर नायक को गिरफ्तार किया। जिले में हाथियों के हमले से ग्रामीणों की निरन्तर मौत और दहशत के बीच वन विभाग अधिकारी के विरूद्ध आक्रोश व्यक्त करते हुए मारपीट और बंधक बनाने के क्रम में शनिवार शाम को केंदुझर वन विभाग के अंतर्गत विभिन्न रेंज में एक समूह विशेष द्वारा वनकर्मियों पर किए गए हमले के बाद ओडिशा वन राजपत्रित वन सेवा संघ ने क्योंझर कार्यालय का घेराव किया एवं 48 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। वन अधिकारी संघ क्योंझर शाखा के अध्यक्ष दीपक स्वाईं, संपादक भूपति सेठी, कालंदी सामल, आशुतोष चक्रवर्ती, जतिंद्र साहू, मित्रभानु नायक और वनकर्मियों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए जिला वन अधिकारी धनराज एचडी से बातचीत के बाद प्रदर्शन सामान्य हो गया। गौरतलब है कि बड़बिल रेंज के गुआली सेक्शन के कारो आरक्षित वन में हाथी ने उस समय हमला कर दिया था, जब वे वनोपज एकत्रित कर रहे थे। हमले में रीना मुंडा, संतोष मुंडा घायल हो गए। जब उन्हें वन विभाग की एंबुलेंस और कार्यालय वाहन में लाया जा रहा था, तो केंदुडीही गांव के पास लोगों ने वाहन को रोक लिया और बड़बिल रेंजर संजीव राउत, गुआली फॉरेस्टर सरत पटनायक, सुरक्षा दल के कर्मचारी मुरलीधर नायक, बचन मुंडा और शिव नायक पर जानलेवा हमला कर दिया और महत्वपूर्ण दस्तावेज छीन लिए। बाद में पुलिस ने वन कर्मियों को छुड़ाया। ओडिशा वन कर्मियों पर हमले की घटना वनकर्मी वन राजपत्रित वन सेवा संघ, क्योंझर शाखा ने क्योंझर आरक्षी अधीक्षक, डीएफओ को एक मांग पत्र सौंपा जिसमें क्योंझर डिवीजन के 7 वनपाल, 2 वन रक्षक और 6 अन्य वन कर्मियों की रिहाई की मांग की गई है। इसके अलावा हाथी के हमले में एक व्यक्ति की मौत को लेकर 30 मई 2025 की दोपहर को बामेबारी वनपाल राजेंद्र जेना और कर्मचारी संजय मुंडा पर स्थानीय लोगों ने जानलेवा हमला कर दिया और उन्हें रेलवे लाइन के पास फेंक दिया। इस घटना में 15 दिन बीत जाने के बाद भी अपराधी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। दोनों घटनाओं में संघ ने चेतावनी दी है कि अगर 48 घंटे के अंदर आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई तो संघ सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी।

