Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » जल जीवन मिशन के अंतर्गत मध्यप्रदेश में पेयजल आपूर्ति योजनाओं के लिए स्वीकृत किए 15,381.72 करोड़ रुपए
    Headlines

    जल जीवन मिशन के अंतर्गत मध्यप्रदेश में पेयजल आपूर्ति योजनाओं के लिए स्वीकृत किए 15,381.72 करोड़ रुपए

    Bishan PapolaBy Bishan PapolaDecember 31, 2021No Comments5 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश राज्य में जल जीवन मिशन के अंतर्गत राज्य स्तरीय योजना स्वीकृति समिति (एसएलएसएससी) की बैठक में गुरुवार को पेयजल आपूर्ति योजनाओं के लिए 15,381.72 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए। 1.09 करोड़ से अधिक ग्रामीण आबादी को नल से जल के कनेक्शन प्रदान करने के लिए 22 बहु-ग्राम योजनाओं को मंजूरी दी गई। ये 22 योजनाएं रीवा, सतना, सीहोर, सीधी, अलीराजपुर, बड़वानी, जबलपुर, पन्ना, मंडला, सागर, कटनी, धार, श्योपुर, उमरिया और खरगोन जिले के 9240 गांवों के निवासियों को लाभांवित करेंगी, चूंकि राज्य की योजना 2023 तक सभी ग्रामीण घरों में नल के पानी की आपूर्ति करने की है, इसलिए इस समय इन योजनाओं की मंजूरी बहुत अधिक महत्वपूर्ण है।

    अधिकारियों ने बताया कि इन सभी गांवों में लोगों को गर्मी के दिनों में पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ता है। उम्मीद है कि इन 9,240 गांवों में रहने वाले 22 लाख से अधिक परिवारों को नियमित आधार पर अगले 30-40 वर्षों तक नल का स्वच्छ पानी पर्याप्त रूप से मिलेगा। जल जीवन मिशन (जेजेएम) के अंतर्गत ग्रामीण घरों में नल के पानी की आपूर्ति का प्रावधान करने के लिए की जाने वाली योजनाओं पर विचार और अनुमोदन के लिए राज्य स्तरीय योजना स्वीकृति समिति (एसएलएसएससी) के गठन का प्रावधान है। बता दें कि एसएलएसएससी जल आपूर्ति योजनाओं/परियोजनाओं पर विचार करने के लिए एक राज्य स्तरीय समिति के रूप में कार्य करता है और भारत सरकार के राष्ट्रीय जल जीवन मिशन (एनजेजेएम) का एक नामांकित व्यक्ति समिति का सदस्य होता है।

    वर्ष 2021-22 में राज्य को 5,117 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिसमें से 2,558 करोड़ रुपये की राशि ‘हर घर जल’ कार्यक्रम के कार्यान्वयन के लिए मध्य प्रदेश को पहले ही जारी की जा चुकी है। इससे महिलाओं और बच्चों को होने वाले कठिन परिश्रम में काफी कमी आएगी। अभी महिलाओं और बच्चों को काफी दूर तक जल स्रोतों से पानी लाने में हर दिन घंटों खर्च करने पड़ते हैं।
    15 अगस्त 2019 को, जल जीवन मिशन के शुभारंभ के समय, राज्य में केवल 13.53 लाख (11 प्रतिशत) ग्रामीण घरों में नल के पानी की आपूर्ति होती थी। पिछले 28 महीनों में, कोविड-19 महामारी और लॉकडाउन की बाधाओं के बावजूद, राज्य ने 31.63 लाख (25.8 प्रतिशत) घरों में नल के पानी के कनेक्शन प्रदान किए हैं। अभी तक राज्य के 1.22 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से 45.16 लाख (36.93 प्रतिशत) को उनके घरों में नल का पानी मिल रहा है। राज्य की 2021-22 में 22.1 लाख घरों में नल के पानी के कनेक्शन उपलब्ध कराने की योजना है।
    हर घर में स्वच्छ नल का पानी सुनिश्चित करने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना को पूरा करने के लिए, मिशन ने 2021-22 के दौरान मध्य प्रदेश को 2,558.39 करोड़ रुपए अनुदान सहायता के रूप में जारी किए हैं। इस वर्ष केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने 5,116.79 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं, जो पिछले वर्ष के आवंटन से चार गुना अधिक है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने चार गुना वृद्धि को मंजूरी देते हुए दिसंबर, 2023 तक प्रत्येक ग्रामीण घर में नल के पानी की आपूर्ति का प्रावधान करने के लिए राज्य को पूर्ण सहायता का आश्वासन दिया।
    बैठक में एनजेजेएम टीम ने कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, प्रभावी सामुदायिक योगदान की आवश्यकता पर बल दिया और राज्य को जल आपूर्ति योजनाओं में दूषित जल प्रबंधन के प्रावधान को शामिल करने की सलाह दी, क्योंकि यह जल जीवन मिशन का एक बहुत ही महत्वपूर्ण घटक है।

    उल्लेखनीय है कि देश में स्कूलों, आश्रमशालाओं और आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को सुरक्षित नल का पानी उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने के लिए, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 100 दिनों के अभियान की घोषणा की, जिसे केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 2 अक्टूबर 2020 को शुरू किया था। शिक्षा केंद्रों में उपलब्ध कराए जाने वाले नल के पानी का उपयोग बच्चों और शिक्षकों द्वारा पीने, मध्याह्न भोजन पकाने, हाथ धोने और शौचालयों में किया जाता है। मध्य प्रदेश के 68,811 स्कूलों (73 प्रतिशत) और 40,357 आंगनवाड़ी केंद्रों (60 प्रतिशत) को उनके परिसरों में नल का पानी उपलब्ध कराया गया है। राज्य से शेष विद्यालयों और आंगनवाड़ी केंद्रों में जल्द से जल्द नल के पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है।

    पीने योग्य नल के पानी की आपूर्ति के लिए सार्वभौम पहुंच पर विशेष जोर                                                                                          ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के अनुरूप काम करते हुए, जल जीवन मिशन का आदर्श वाक्य ‘कोई भी छूटेगा नहीं’ है और इसका उद्देश्य पीने योग्य नल के पानी की आपूर्ति के लिए सार्वभौम पहुंच है। 2019 में मिशन की शुरुआत में, देश के कुल 19.20 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से केवल 3.23 करोड़ (17 प्रतिशत) परिवारों के पास नल के पानी की आपूर्ति थी। पिछले 28 महीनों के दौरान, कोविड-19 महामारी और लॉकडाउन बाधाओं के बावजूद, जल जीवन मिशन को तेजी से लागू किया गया है और आज, 5.50 करोड़ ग्रामीण परिवारों को नल के पानी के कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। वर्तमान में, देश भर में 8.74 करोड़ (45.5 प्रतिशत) ग्रामीण परिवारों में नल के पानी की आपूर्ति उपलब्ध है। गोवा, तेलंगाना, हरियाणा राज्यों और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह तथा पुद्दुचेरी, दादरा और नगर हवेली और दमण तथा दीव के केंद्र शासित प्रदेशों ने ग्रामीण क्षेत्रों में 100 प्रतिशत घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया है। वर्तमान में 84 जिलों के प्रत्येक घर और 1.30 लाख से अधिक गांवों को अपने घरों में नल का पानी मिल रहा है।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleकोरोना के मामले में पुलिस, प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करें राजनीतिक दल, भीड़भाड़ वाली जगहों पर तत्काल नियंत्रण की जरूरत
    Next Article हेडलाइंस राष्ट्र संवाद

    Related Posts

    मानगो में पुलिस चेकिंग पर टेंपो चालक की पिटाई का आरोप, चालकों ने किया सड़क जाम

    June 18, 2026

    सीसीई डिवीजन के रक्तदान शिविर में 76 यूनिट रक्त संग्रहित, पंकज गुप्ता सम्मानित

    June 18, 2026

    ब्रह्मर्षि विकास मंच की केंद्रीय कमेटी का विस्तार, नई टीम का स्वागत

    June 18, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    गंगा को बचाना: भारत के भविष्य का संकल्प

    CM सोरेन से मिले नव निर्वाचित राज्यसभा सांसद बैद्यनाथ राम

    उलवे में देह व्यापार रैकेट का भंडाफोड़: 2 नाबालिग मुक्त, एजेंट गिरफ्तार

    भारत के विकास में ‘मोदी युग’: एक नया कीर्तिमान और विश्वास

    अमेरिका और ईरान के बीच हुआ अंतरिम समझौता: राहत और चुनौतियां

    झारखंड राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को झटका: ‘धोखे’ का आरोप

    मानगो में पुलिस चेकिंग पर टेंपो चालक की पिटाई का आरोप, चालकों ने किया सड़क जाम

    सीसीई डिवीजन के रक्तदान शिविर में 76 यूनिट रक्त संग्रहित, पंकज गुप्ता सम्मानित

    ब्रह्मर्षि विकास मंच की केंद्रीय कमेटी का विस्तार, नई टीम का स्वागत

    झारखंड राज्यसभा चुनाव में परिमल नाथवानी जी की जीत राज्य के विकास और सशक्त प्रतिनिधित्व की जीत : दिनेश कुमार

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.