कोरोना के मामले में पुलिस, प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करें राजनीतिक दल, भीड़भाड़ वाली जगहों पर तत्काल नियंत्रण की जरूरत
देवानंद सिंह
कोरोना का खतरा लगातार बढ़ रहा है। जिस तरह प्रतिदिन ओमिक्रॉन के मामले बढ़ते जा रहे हैं, उसने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। जो स्थिति बन रही है, उससे तो यही आभास हो रहा है कि आने वाले दिनों की स्थिति भयावह हो सकती है, इसीलिए संबंधित तंत्र को तत्काल एहतियाती कदम उठाने होंगे। भीड़भाड़ वाले जगहों के खिलाफ तत्काल आवश्यक कदम उठाने की जरूरत है, जिससे ओमिक्रॉन कोरोना संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। इसके लिए सबसे जरूरी होगा कि राजनीतिक दलों को अपनी राजनीति छोड़ पुलिस, प्रशासन को सहयोग करना होगा। अक्सर, देखने को मिलता है कि जब भी पुलिस, प्रशासनिक अमला व स्वास्थ्य विभाग एहतियाती कदम उठाता है तो राजनीतिक दल टांग अड़ाने लगते हैं। यह जानते हुए कि थोड़ी सी लापरवाही के घातक परिणाम हो सकते हैं। कोरोना की पहली और दूसरी लहर के दौरान जमशेदपुर सहित पूरे झारखंड में सार्थक परिणाम देखने को मिले थे, कोरोना ओमिक्रॉन से निपटने को लेकर भी ऐसे ही सार्थक परिणामों की आवश्यकता है, लिहाजा सभी राजनीतिक दल के नेताओं से अपील है कि जिला प्रशासन,पुलिस, स्वास्थ्य विभाग व टाटा स्टील को मोहरा न बनाया जाए। इससे राजनीति तो होगी, पर ओमिक्रॉन पर नियंत्रण पाने में सफलता नहीं मिल पाएगी। इसीलिए जरूरी है कि जिला प्रशासन,पुलिस, स्वास्थ्य विभाग व टाटा स्टील का हर संभव सहयोग किया जाए। अधिकारी अपने विवेक से भीड़ को नियंत्रित करने के लिए उचित कदम उठा रहे हैं तो उनके निर्णय का विरोध न किया जाए। कुल मिलाकर बात यह है कि अगर, कोरोना ओमिक्रॉन के कहर से जमशेदपुर को बचाना है तो पिकनिक स्पॉट, जैसे जुबली पार्क, डिमना लेक के साथ-साथ शहर के मॉल और बाजारों पर तत्काल शिकंजा कसने की जरूरत है। इसके अलावा सभी बाजारों में जुट रही भीड़ पर भी तत्काल रोक लगाने की जरूरत है। वहीं, स्कूलों की भी समीक्षा करने की जरूरत है, जिससे कि बच्चों को ओमिक्रॉन के खतरे से बचाया जा सके।

