Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » पेरिस ओलंपिक में हार के बाद रोहन बोपन्ना ने टेनिस को कहा अलविदा
    Breaking News Headlines खेल

    पेरिस ओलंपिक में हार के बाद रोहन बोपन्ना ने टेनिस को कहा अलविदा

    Devanand SinghBy Devanand SinghJuly 30, 2024No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

     

     

    नई दिल्ली. भारत के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी रोहन बोपन्ना ने टेनिस से रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया है. पेरिस ओलंपिक्स 2024 में बोपन्ना और एन श्रीराम बालाजी की टीम को मेंस डबल्स मैच के पहले राउंड में 7-5, 6-2 से हार झेलनी पड़ी. अब रोहन बोपन्ना ने साफ कर दिया है कि ये उनके करियर का आखिरी मैच था. बोपन्ना ने 22 सालों तक टेनिस में भारत का प्रतिनिधित्व किया, लेकिन अब उन्होंने अपने 22 साल के करियर का आराम दे दिया है.

     

    रोहन बोपन्ना ने रिटायरमेंट का ऐलान करते हुए कहा, “यह मेरे टेनिस करियर का आखिरी टूर्नामेंट रहा. मैं समझता हूं कि एक खिलाड़ी के तौर पर मैं कहां पहुंचा हूं. मैं जहां हूं, वह मेरे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है. मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं 20 साल से भी ज्यादा समय तक भारत का प्रतिनिधित्व करूंगा. 2002 में डेब्यू और आज उसके 22 साल बाद भी मैं ओलंपिक्स में अपने देश का प्रतिनिधि रहा. मुझे इस ऐतिहासिक करियर पर बहुत गर्व है.”

     

     

    रिटायरमेंट का एलान होते ही रोहन बोपन्ना का 2026 एशियाई खेलों में हिस्सा लेने की संभावनाएं भी खत्म हो गई है. याद दिला दें कि 2016 रियो ओलंपिक में बोपन्ना और सानिया मिर्जा की टीम मिक्स्ड डबल्स के सेमीफाइनल में जाने के बाद मेडल से चूक गई थी. इस बार उनके पास मौका था कि वो श्रीराम बालाजी के साथ मिलकर अपने ओलंपिक मेडल जीतने के सपने को पूरा करें, लेकिन फ्रांस के गेल मोनफिल्स और रोजर वैसेलिन की जोड़ी ने उन्हें ऐसा करने नहीं दिया

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleएसजीपीसी का हुकुम: निशान साहिब की पोशाक का रंग अब होगा बसंती
    Next Article मनिका बत्रा ने पेरिस ओलंपिक प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंच रचा इतिहास

    Related Posts

    इस दीपावली बनें सच्चा मनी मैग्नेट

    November 8, 2026

    दीपावली : एक पर्व, अनेक परंपराएं, लेकिन संदेश एक अंधकार पर प्रकाश की विजय

    November 8, 2026

    इस दिवाली आसमान नहीं, अपना नजरिया रोशन कीजिए

    November 8, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    इस दीपावली बनें सच्चा मनी मैग्नेट

    दीपावली : एक पर्व, अनेक परंपराएं, लेकिन संदेश एक अंधकार पर प्रकाश की विजय

    इस दिवाली आसमान नहीं, अपना नजरिया रोशन कीजिए

    दीपावली के पाँच पर्व और उनसे जुड़ी धार्मिक परंपराएँ

    गाजियाबाद पुलिस चौकी ब्लास्ट में नया मोड़, आतंकी संगठन ने सोशल मीडिया पर ली जिम्मेदारी

    LocoWin Casino betaalmethoden: storten en opnemen met kaart, e-wallet en crypto

    प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को दी दिवाली की शुभकामनाएं, बोले- जवानों के साथ मनाऊंगा त्योहार

    आदिवासी कार्यकर्ता निशा भगत पंचतत्व में विलीन, न्याय की मांग को लेकर झारखंड में उबाल; सीबीआई जांच की मांग तेज

    अयोध्या में 10वें भव्य दीपोत्सव की धूम, लाखों दीपों से जगमगाई रामनगरी; ड्रोन शो और आतिशबाजी ने मोहा मन

    मरीजों को तेज और परेशानी मुक्त सेवाएं देने के लिए टीएमएच ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.