Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » वन विभाग की चुप्पी पर उठे सवाल, राखा और मानगो वन क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा है अवैध कब्जा
    झारखंड सरायकेला-खरसावां

    वन विभाग की चुप्पी पर उठे सवाल, राखा और मानगो वन क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा है अवैध कब्जा

    Aman OjhaBy Aman OjhaMay 11, 2026No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    राष्ट्र संवाद संवाददाता

     

    राखा वन क्षेत्र एवं मानगो वन क्षेत्र में वन माफियाओं के लिए लगातार सुरक्षित जोन बनता जा रहा है ।

    राखा माइन्स के फलाई ओवर के सामने वन विभाग के जमीन पर कई लोगों के द्वारा अवैध कब्जा कर मकान बना लिया गया है और वन विभाग के जमीन पर अवैध कब्जा लगातार जारी है ।

    वन विभाग की जानकारी होने के बावजूद भी इस मामले को लेकर वन विभाग पूरी तरह से मौन है।

    दोनों ही वन क्षेत्र में वन कटाई का कारोबार माफिया के द्वारा लगातार किया जा रहा है कई पेड़ काट दिए गए हैं जिसको लेकर भी सामाजिक कार्यकर्ताओं के द्वारा इसकी शिकायत जिला के उपायुक्त से की गई है ।

    आसान बनी क्षेत्र के कानी कोला जंगल में भी वन माफियाओं के द्वारा लगातार पेड़ काटकर जमशेदपुर के लकड़ी टाल और आसपास के ईट भट्ठा में भेज दिया जा रहा है ।

    रसोई गैस की किल्लत होने के कारण लकड़ी माफियाओं की चांदी हो चुकी है लोग जलावन के लिए भी इनसे लकड़ी खरीद रहे हैं।

    जिसमें वन विभाग के अधिकारियों की पूरीमानगो वन क्षेत्र/राखा वन क्षेत्र में वन भूमि पर अवैध कब्जा और पेड़ों की कटाई गंभीर अपराध है। इसमें ये मुख्य कानून लागू होते हैं:

    1. *भारतीय वन अधिनियम, 1927*

    – *धारा 26*: आरक्षित वन में बिना अनुमति पेड़ काटना, जमीन जोतना, घर बनाना, चराई करना मना है

    – *सजा*: 6 महीने तक जेल या ₹500 जुर्माना या दोनों। काटे गए पेड़ + औजार जब्त

     

    2. *वन संरक्षण अधिनियम, 1980*

    – बिना केंद्र सरकार की मंजूरी के वन भूमि को गैर-वनीय काम के लिए इस्तेमाल नहीं कर सकते

    – अवैध कब्जा = “गैर-वनीय उपयोग” माना जायेगा।

    4. *झारखंड के खास नियम*

    – *झारखंड वन अधिनियम*: पेड़ काटने पर ₹10,000 तक जुर्माना + जेल

    – *CNT/SPT Act*: आदिवासी जमीन पर गैर-आदिवासी का कब्जा अवैध। उपायुक्त तुरंत बेदखल कर सकते हैं।

    आसान मनी क्षेत्र में कई माफियाओं के द्वारा वन भूमि में घर भी बना लिया गया है।

    लगातार पेड़ कटाई से पर्यावरण को भारी नुकसान हो रही है।

    इस मामले में वन रक्षी रामजीत मुर्मू का कहना है कि अवैध कब्जा करने वालों को नोटिस दिया गया हे।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleयूसीआईएल में सुरक्षा और प्रबंधन को लेकर बवाल, आरटीआई कार्यकर्ता ने डीएई सचिव को भेजी शिकायत
    Next Article रंकणी मंदिर विकास कार्य में अनियमितता का आरोप, कांग्रेस नेताओं ने गुणवत्ता पर जताई नाराजगी

    Related Posts

    झारखंड गठन के 26 साल बाद भी शहीदों के सपने अधूरे: आनंद मोहन

    September 14, 2026

    विश्वकर्मा समाज ने हस्तशिल्प मेला किया स्थगित, सादगी से मनाया जाएगा विश्वकर्मा पूजा उत्सव

    September 14, 2026

    काश फूलों की सफेद चादर से सजा जमशेदपुर, शरद ऋतु और त्योहारों के आगमन का दे रहा संकेत

    September 14, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    झारखंड गठन के 26 साल बाद भी शहीदों के सपने अधूरे: आनंद मोहन

    नदी की उपधारा में डूबने से दो सगे भाइयों की मौत, मचा कोहराम 

    विश्वकर्मा समाज ने हस्तशिल्प मेला किया स्थगित, सादगी से मनाया जाएगा विश्वकर्मा पूजा उत्सव

    काश फूलों की सफेद चादर से सजा जमशेदपुर, शरद ऋतु और त्योहारों के आगमन का दे रहा संकेत

    ब्रिक्स में भारत की कूटनीतिक धमक, अब घोषणापत्र नहीं परिणाम की बारी

    बेगूसराय के दियारा क्षेत्र में अब भी 3 से 5 फुट बाढ़ का पानी, नाव से आवागमन को मजबूर लोग

    संचार युग में हिंदी भाषा की बढ़ती प्रतिष्ठा

    13 वर्षीय छात्रा से सालभर यौन शोषण का आरोप, एमआर गिरफ्तार

    Hindi Diwas: हिंदी को मंच नहीं, अवसर चाहिए – कृति आरके जैन

    भगवान गणेश : मंगल, समृद्धि और विकसित भारत के प्रेरणास्रोत

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.