राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा के सांसपुर स्थित कांस्टेबल ट्रेनिंग सेंटर में लगभग 900 जवान ट्रेनिंग कर रहे हैं लेकिन लगभग 14 महीने से यहां आउटसोर्सिंग ठेका कंपनी के नहीं होने के कारण जवानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है ।
वर्तमान में जिला बल के हवलदार 400 लोग ट्रेनिंग कर रहे हैं जो ट्रेनिंग के बाद दरोगा बनेंगे ।
वहीं अनुकंपा के आधार पर सिपाही की बहाली हुई थी उनका भी बेसिक ट्रेनिंग किया जा रहा है जिनकी भी संख्या लगभग 400 है।
सिपाही के ट्रेनिंग का
1 साल से अधिक हो गए उन्हें ट्रेनिंग करने को अभी तक पासिंग आउट नहीं होने के कारण ने भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है आर्थिक बोझ पड़ रही है जिसकी शिकायत उन्होंने मुख्यालय से भी की है।
जनवरी 2025 से ही ऑक्सफोर्ड इंटरनेशनल सिक्योरिटी सर्विस का टेंडर खत्म हो जाने के बाद से यहां पर आउटसोर्सिंग ठेका कंपनी कार्यरत नहीं है ।
आउटसोर्सिंग ठेका कंपनी नहीं होने के कारण आसपास के 262 मजदूर बेरोजगार हो चुके हैं।
वही ट्रेनिंग में आए जवानों का कहना है कि आउटसोर्सिंग कंपनी का नहीं होने के कारण साफ सफाई का काम जवानों को ही करना पड़ रहा है ,खाना भी जवानों को ही बनाना पड़ता हे, शौचालय की सफाई भी करनी पड़ती है ,घास का कटाई भी करनी पड़ती है जिसके कारण ट्रेनिंग का अधिक समय इन्हीं सब काम में चल जा रहा है जिससे ट्रेनिंग बाधित हो रही है।
वहीं आउटसोर्सिंग कंपनी के नहीं होने के कारण यहां पर पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सीटीसी में गंदगी का अंबार लगा हुआ है बड़ी-बड़ी झाड़ियां हो गई है सांप लगातार निकल रहे हैं ।
आसपास के क्षेत्र के बेरोजगार मजदूर का कहना है कि सीटीसी के निर्माण के समय आसपास के क्षेत्र के लोगों को रोजगार देने का वादा किया गया था लेकिन 262 परिवार पूरी तरह से बेरोजगार हो चुके हैं जिसके कारण आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा हे।
वही पहले के आउटसोर्सिंग कंपनी के द्वारा 25 दिनों का मजदूरों का वेतन का भुगतान भी नहीं किया गया कई लोगों का पीएफ की राशि भी नहीं दी गई है।
ग्रामीणों ने बताया कि 900 जवान लगभग यहां ट्रेनिंग कर रहे हैं और ग्रामीणों को ही रोजगार नहीं मिल रहा है ग्रामीण जज इस मामले को लेकर आंदोलन करने की तैयारी कर रहे हैं जल्द से जल्द अगर रोजगार नहीं मिलेगा तो पिछले बार की तरह गेट जाम किया जाएगा इसके लिए जिला प्रशासन जिम्मेवार होगी। ।
आसपास के ग्रामीणों को रोजगार नहीं मिलने से दुकानदार भी काफी परेशान है वहीं ग्रामीण बेरोजगार होने से दवाई बच्चों की पढ़ाई और गाड़ी का मी भी नहीं दे पा रहे हैं।
सांसपुर गांव के ग्रामीणों ने बताया कि दो नंबर गेट को बंद कर दिया जा रहा है जो कि न्याय संगत नहीं है।

