राष्ट्र संवाद संवाददाता
वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से कोल्हान के प्रसिद्ध रंकणी मंदिर में करीब 19 करोड़ रुपये की लागत से सौंदर्यीकरण कार्य कराया जा रहा है। परियोजना के तहत पार्क निर्माण, पहाड़ी तक पहुंचने के लिए सीढ़ी, प्लेटफार्म तथा अन्य विकास कार्य किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में माँ रंकणी कापड़ गादी घाट विकास समिति के अध्यक्ष दिनेश सरदार एवं कांग्रेस के जिला महासचिव सुबोध सरदार ने निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दोनों नेताओं ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता एवं डिजाइन को लेकर नाराजगी जाहिर की।
उन्होंने कहा कि पहाड़ी तक जाने वाली सीढ़ी मात्र 4 फीट चौड़ी बनाई जा रही है, जबकि श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए इसकी चौड़ाई कम से कम 6 फीट होनी चाहिए। साथ ही सीढ़ियों एवं पार्क की चारदीवारी में लोहे की रेलिंग और ग्रिल लगाए जाने पर भी आपत्ति जताई गई। उनका कहना था कि लोहे के बजाय जीआई सामग्री का उपयोग किया जाना चाहिए, ताकि निर्माण अधिक टिकाऊ और सुरक्षित हो सके।
कांग्रेस नेता सुबोध सरदार ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में भारी लापरवाही बरती जा रही है तथा गुणवत्ता को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये की योजना में घपला-घोटाले की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। वहीं ठेकेदार को गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य करने की सलाह देते हुए उन्होंने कार्य में पारदर्शिता बरतने की मांग की।
दिनेश सरदार एवं सुबोध सरदार ने कहा कि नवंबर 2024 से निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन अब तक इसे पूरा नहीं किया जा सका है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को जिले की उपायुक्त से मुलाकात कर निर्माण कार्य में हो रही देरी, गुणवत्ता संबंधी शिकायत तथा लोहे की जगह जीआई सामग्री उपयोग करने की मांग की जाएगी।
वही कांग्रेसी नेता ने बताया कि मजदूरों का भी कहना है कि ठेकेदार के द्वारा न्यूनतम वेतन नहीं दिया जा रहा है काम अधिक कराया जाता है समय पर वेतन भी नहीं दी जाती है।
साथ ही साथ वन विभाग के अधिकारियों के द्वारा भी ठेकेदार के साथ मिलीभगत कर घटिया निर्माण काम करवाया जा रहा है उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है ।आसपास के पार्किंग स्थल का निर्माण भी अभी तक नहीं कर पाया है जिससे बरसात के दिन में श्रद्धालु काफी परेशानी की हो रही है मंदिर के सामने सीढ़ी के नीचे बड़ा गड्ढा बना हुआ है जो दुर्घटना का कारण बन रहा है आसपास काफी गंदगी हो गई है।

