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    Home » संजीव कुमार सिंह के चयन पर उठे सवाल, पीईएसबी और खान मंत्रालय से जांच की मांग
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    संजीव कुमार सिंह के चयन पर उठे सवाल, पीईएसबी और खान मंत्रालय से जांच की मांग

    Devanand SinghBy Devanand SinghAugust 5, 2026No Comments4 Mins Read
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    संजीव कुमार सिंह
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    लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता

    घाटशिला।हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के पूर्व अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक संजीव कुमार सिंह के चयन को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। इस संबंध में कंपनी के पूर्व डीजीएम केपी बिशोई ने 15 जुलाई 2026 को लोक उद्यम चयन बोर्ड को भेजे गए पत्र में चयन प्रक्रिया, पात्रता मानदंड में बदलाव और खान मंत्रालय की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए पूरे मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया है। उल्लेखनीय है कि संजीव कुमार सिंह 30 जून 2026 को एचसीएल के सीएमडी पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं।

    पत्र के अनुसार एचसीएल के तत्कालीन सीएमडी अरुण कुमार शुक्ला के 31 जुलाई 2023 को सेवानिवृत्त होने के बाद नए सीएमडी के चयन के लिए 13 अक्टूबर 2022 को विज्ञापन जारी किया गया था। इसमें आंतरिक उम्मीदवार के लिए रिक्ति की तिथि पर अधिकतम दो वर्ष की अवशिष्ट सेवा तथा अन्य उम्मीदवारों के लिए अधिकतम तीन वर्ष की अवशिष्ट सेवा समेत कई पात्रता शर्तें निर्धारित थीं। इस प्रक्रिया में राकेश तुमाने और मुकेश अग्रवाल को साक्षात्कार के लिए चुना गया, लेकिन 18 अप्रैल 2023 को हुई चयन प्रक्रिया में किसी को भी उपयुक्त नहीं पाया गया।

    इसके बाद एक नवंबर 2023 को फिर विज्ञापन जारी किया गया। इस बार राकेश तुमाने, एस शक्तिमणि और प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव को साक्षात्कार के लिए चुना गया। 29 फरवरी 2024 को प्रस्तावित साक्षात्कार को खान मंत्रालय की तत्कालीन संयुक्त सचिव फरीदा एम नाइक के पत्र के बाद स्थगित कर दिया गया। पत्र में कहा गया था कि चयनित उम्मीदवारों के पास खनन क्षेत्र का पर्याप्त अनुभव नहीं है, जबकि तत्कालीन एचसीएल के खनन निदेशक संजीव कुमार सिंह के पास खनन क्षेत्र का समृद्ध अनुभव है। हालांकि वे आंतरिक उम्मीदवार के लिए निर्धारित सेवा अवधि से आठ महीने कम थे।

    संजीव कुमार सिंह के चयन में पात्रता शर्तों में बदलाव

    शिकायत में आरोप लगाया गया है कि खान मंत्रालय ने संजीव कुमार सिंह की पात्रता में छूट देने और उन्हें चयन प्रक्रिया में शामिल करने का अनुरोध किया था। इसके बाद 25 सितंबर 2024 को जारी नए विज्ञापन में पात्रता शर्तों में बदलाव किया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि अवशिष्ट सेवा और संबंधित वेतनमान में न्यूनतम सेवा अवधि से जुड़ी शर्तों में ऐसी छूट दी गई, जिससे संजीव कुमार सिंह पात्र हो गए।

    इसके बाद 18 दिसंबर 2024 को हुए साक्षात्कार में संजीव कुमार सिंह का चयन सीएमडी पद के लिए हुआ और उन्होंने 21 मार्च 2025 को पदभार संभाला। हालांकि उनका कार्यकाल करीब एक वर्ष तीन महीने ही रहा और 30 जून 2026 को वे सेवानिवृत्त हो गए।

    पत्र में चयन प्रक्रिया में कथित दोहरे मापदंड पर भी सवाल उठाया गया है। इसमें कहा गया है कि 2024 में एस शक्तिमणि को एचसीएल के सीएमडी पद के लिए खनन क्षेत्र के अनुभव के अभाव में उपयुक्त नहीं माना गया था, जबकि बाद में उसी संस्था एफएसीटी के मार्केटिंग निदेशक अनूपम मिश्रा को एचसीएल का सीएमडी चुना गया, जबकि उनके पास भी खनन या धातु क्षेत्र का अनुभव नहीं था। अनूपम मिश्रा ने एक जुलाई 2026 से एचसीएल के सीएमडी का पद संभाला है।

    शिकायत में यह भी कहा गया है कि एचसीएल के पूर्व सीएमडी में संजीव कुमार सिंह का कार्यकाल सबसे कम रहा। पत्र में पीईएसबी से पूछा गया है कि 2024 में पात्रता शर्तों में बदलाव क्यों किया गया और क्या यह बदलाव किसी विशेष उम्मीदवार को ध्यान में रखकर किया गया था। साथ ही 23 फरवरी 2024 के खान मंत्रालय के पत्र तथा बाद में बदली गई पात्रता शर्तों की भूमिका पर भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।

    शिकायत की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री कार्यालय, कैबिनेट सचिव, खान मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग, केंद्रीय सतर्कता आयोग तथा लोक उद्यम विभाग को भी भेजी गई है। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले को गंभीर बताते हुए संबंधित अधिकारियों से तथ्यों की जांच कर स्पष्टीकरण देने का आग्रह किया है।

    CMD चयन HCL खान मंत्रालय पीईएसबी संजीव कुमार सिंह
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