बिष्टुपुर में सियासी टकराव: लोकतंत्र में विरोध का अधिकार, हिंसा का नहीं!
जेएनयू प्रकरण पर भाजपा महिला मोर्चा का कांग्रेस मुख्यालय पर प्रदर्शन, पत्थरबाजी में कई कार्यकर्ता घायल
भाजपा प्रदर्शन के दौरान हंगामे और पत्थरबाजी पर कांग्रेस ने जताया विरोध
कांग्रेस का आरोप—पुरुष भाजपा नेताओं ने बिगाड़ा माहौल, कई कार्यकर्ता घायल; निष्पक्ष जांच की मांग
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर में भाजपा-कांग्रेस का आमना-सामना बना चिंता का विषय, राजनीतिक दलों को आत्ममंथन की जरूरत
जमशेदपुर। शहर के बिष्टुपुर स्थित कांग्रेस मुख्यालय तिलक पुस्तकालय में सोमवार को भाजपा महिला मोर्चा के पूर्व घोषित प्रदर्शन के दौरान जो घटनाक्रम सामने आया, वह लोकतांत्रिक राजनीति और राजनीतिक कार्यसंस्कृति पर गंभीर सवाल खड़े करता है। विरोध-प्रदर्शन लोकतंत्र का अभिन्न हिस्सा है, लेकिन जब राजनीतिक असहमति टकराव, पत्थरबाजी, मारपीट और खून-खराबे तक पहुंच जाए, तो यह किसी भी राजनीतिक दल और समाज के लिए शुभ संकेत नहीं है।
जेएनयू प्रकरण पर भाजपा महिला मोर्चा का कांग्रेस मुख्यालय पर प्रदर्शन, पत्थरबाजी में कई कार्यकर्ता घायल
सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम पर कार्रवाई की मांग, राहुल-प्रियंका की चुप्पी पर उठाए सवाल
राष्ट्र संवाद संवाददाता

जमशेदपुर। जेएनयू की छात्राओं से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न मामले को लेकर सोमवार को भाजपा जमशेदपुर महानगर महिला मोर्चा ने जिलाध्यक्ष नीलू मछुआ के नेतृत्व में कांग्रेस मुख्यालय ‘तिलक पुस्तकालय’ का घेराव कर आक्रोश प्रदर्शन किया। भाजपा ने कांग्रेस सांसद एवं जेएनयू के पूर्व प्रोफेसर डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजम के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की चुप्पी पर सवाल उठाए।
बिष्टुपुर स्थित जी टाउन क्लब मैदान के समीप से निकले मार्च में विधायक पूर्णिमा साहू, भाजपा महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा, जिला प्रभारी दिनेश कुमार और अन्य नेता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच, आरोपी सांसद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पीड़ित छात्राओं को न्याय दिलाने की मांग की।
पत्थरबाजी में कई कार्यकर्ता घायल होने का आरोप
प्रदर्शन के दौरान भाजपा ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पत्थरबाजी करने का आरोप लगाया। पार्टी के अनुसार, घटना में जिला प्रभारी दिनेश कुमार, जिला महामंत्री राजीव सिंह, महिला मोर्चा की मधु तांती और बिरसानगर मंडल अध्यक्ष बापन बनर्जी समेत कई कार्यकर्ता घायल हुए। भाजपा नेताओं ने घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।
सांसद विद्युत वरण महतो ने कथित पत्थरबाजी की निंदा करते हुए कहा कि न्याय की मांग करने वालों पर हिंसा स्वीकार्य नहीं है। विधायक पूर्णिमा साहू ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मामले पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा। वहीं, संजीव सिन्हा और नीलू मछुआ ने कांग्रेस नेतृत्व से आरोपी सांसद के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग उठाई।
भाजपा नेताओं ने कहा कि महिला सम्मान और सुरक्षा के मुद्दे पर पार्टी का विरोध जारी रहेगा।
भाजपा प्रदर्शन के दौरान हंगामे और पत्थरबाजी पर कांग्रेस ने जताया विरोध
कांग्रेस का आरोप—पुरुष भाजपा नेताओं ने बिगाड़ा माहौल, कई कार्यकर्ता घायल; निष्पक्ष जांच की मांग
राष्ट्र संवाद संवाददाता

जमशेदपुर, 12 अक्टूबर। बिष्टुपुर स्थित कांग्रेस कार्यालय ‘तिलक पुस्तकालय’ के समक्ष भाजपा महिला मोर्चा के प्रदर्शन के दौरान हुए हंगामे, कथित मारपीट और पत्थरबाजी की पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी ने कड़ी निंदा की है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा के कुछ पुरुष नेताओं ने महिलाओं को पीछे कर माहौल बिगाड़ा, जिसके बाद हिंसक स्थिति उत्पन्न हुई।
कांग्रेस के अनुसार, महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष नलिनी सिन्हा ने प्रदर्शनकारियों का गुलाब के फूलों से स्वागत करने की तैयारी की थी। जलपान की व्यवस्था भी की गई थी, ताकि विरोध के बावजूद लोकतांत्रिक सौहार्द बना रहे। हालांकि, कांग्रेस का दावा है कि प्रदर्शन के दौरान लाठी-डंडे चले, पत्थरबाजी हुई और महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया।
जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष अवधेश कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि घटना में कई कांग्रेस कार्यकर्ता घायल हुए। कांग्रेस कार्यकर्ता मनोज उपाध्याय के सिर पर पत्थर लगने से गंभीर चोट आई और उन्हें तीन टांके लगाए गए।
दिल्ली प्रदर्शन में शामिल जिला प्रभारी शशि भूषण राय ने घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेदों का समाधान संवाद और लोकतांत्रिक तरीके से होना चाहिए। जिला कांग्रेस कमेटी ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

