तंबाकू मुक्त समाज निर्माण में हमारा कर्तव्य
तम्बाकू मुक्त दुनिया बनाने के प्रयास में , दुनिया भर के युवाओं को तम्बाकू प्रतिबंध के मुद्दे पर चर्चा करने की आवश्यकता हैं । इसके लिए नीति निर्माताओं और तम्बाकू नियंत्रण अधिकारियों को एक उचित मंच प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। हालाँकि तम्बाकू नियंत्रण समुदाय के अभूतपूर्व प्रयासों के कारण पिछले कुछ वर्षों में सिगरेट की खपत में गिरावट आई है, लेकिन इन कमजोर समूहों की सुरक्षा के लिए जागरूक अभिभावक तथा सरकार द्वारा और अधिक प्रयास किया जाना चाहिए। सरकार और तम्बाकू नियंत्रण समुदाय को तंबाकू उत्पादन उद्योग से इसकी मुनाफा-हानि पर जवाबदेही का आह्वान करना चाहिए ताकि युवा पीढ़ी का क्षतिपूर्ति हो और वे सुरक्षित हो सके ।

तम्बाकू न केवल स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि यह पर्यावरण को भी कई तरह से असर करता है। इसके अलावा, तंबाकू की खेती के लिए जिन रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का उपयोग किया जाता है ,उससे मिट्टी की उर्वरता कम हो सकती है, जिससे अन्य खाद्य फसलों का उत्पादन कम जाता है। यह उल्लेखनीय है कि विश्व तंबाकू निषेध दिवस का मुख्य उद्देश्य यही है तंबाकू प्रयोगकर्ताओं के बीच जागरूकता पैदा करना; इसकी खेती, उत्पादन, वितरण, उपयोग और अपशिष्ट प्रबंधन से लेकर संपूर्ण तंबाकू जीवन-चक्र के प्रभाव पर नजर डालना ; तम्बाकू प्रयोगकर्ताओं को शिक्षित करना और इसे छोड़ने का पर्याप्त दिशानिर्देशकरवाना । अभियान का उद्देश्य यह भी है तम्बाकू के उपयोग और धूम्रपान से संबंधित बीमारियों और मौतों के समाप्ति पर जोर देना ।

समग्र रूप से हमें प्रकृति-अनुकूल विपणन करने वाली तम्बाकू कंपनियों की धोखाधड़ी को उजागर करना हैं । साथ ही नीति निर्माताओं और सरकार को इसके लिए सख्त दिशानिर्देश विकसित करना है। तंबाकू उत्पादकों को जिम्मेदार ठहराने की मौजूदा नीति को मजबूत किया जाना चाहिए।

मूल रूप से आत्मघाती तंबाकू पर प्रतिबंध लगाना आवश्यक है ; जागरूक समुदाय, माता-पिता, पुलिस प्रशासन, सरकार आदि को सजग करना आवश्यक है ताकि हमारे समाज में पर्यावरण नष्ट न हो और युवाओं को नुकसान न हो।

लेखिका : मनीषा शर्मा
अनुवाद :रितेश शर्मा
पता : जालूकबारी , गुवाहाटी

