अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर ‘परियोजना उल्लास’ के तहत मिर्गी मरीजों हेतु विशेष जांच शिविर, 153 रोगियों की हुई स्क्रीनिंग
राष्ट्र संवाद संवाददाता
अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के अवसर पर क्षेत्रीय टीकौषधि भंडार, जेल चौक, साकची में “परियोजना उल्लास” के तहत मिर्गी रोगियों के लिए विशेष जांच शिविर का आयोजन किया गया। उपायुक्त के निर्देशानुसार आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में मरीजों ने हिस्सा लिया।
परियोजना उल्लास के तहत इससे पूर्व पहला दो दिवसीय मिर्गी जांच शिविर अनुमंडल अस्पताल, घाटशीला तथा दूसरा शिविर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटमदा में सफलतापूर्वक आयोजित किया जा चुका है। इन शिविरों की सफलता को देखते हुए सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल तथा परियोजना उल्लास एवं जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल पदाधिकारी डॉ. रंजीत कुमार पांडा के नेतृत्व में इस बार शहरी क्षेत्र में शिविर आयोजित किया गया।
आज आयोजित शिविर का निरीक्षण उपायुक्त ने स्वयं किया और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने क्षेत्रीय टीकौषधि भंडार का भी निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को सराहा।
शिविर में 153 मानसिक एवं मिर्गी रोगियों की नि:शुल्क स्क्रीनिंग, परामर्श एवं एक महीने की दवा उपलब्ध कराई गई। साथ ही आने-जाने एवं भोजन की भी मुफ्त व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई, जिसका लाभार्थियों एवं उनके परिजनों ने प्रशंसा करते हुए उपायुक्त महोदय एवं सिविल सर्जन के प्रति आभार व्यक्त किया।
परियोजना उल्लास को सफल बनाने में जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. मृत्युंजय धवड़िया, जिला मानसिक स्वास्थ्य विभाग के मनोचिकित्सक डॉ. दीपक कुमार गिरि, डॉ. महेश हेमब्रम, डॉ. सुकांता सीट, डॉ. बी.आर.के. सिन्हा, डॉ. फटिक पाल, डॉ. रोहित आनंद, डॉ. मंगेश दोराई, जिला कुष्ठ परामर्शी डॉ. राजीव लोचन महतो, डी.डी.एम. दिलीप कुमार, डी.पी.सी. हिकीम प्रधान सहित बीटीटी, एसटीटी, सहिया साथी, साहियाओं एवं एनयूएचएम टीम के मनीष सिंह, राजेश कुमार, दीपक कुमार, सुमन मंडल, प्रदीप महतो, सरिता कुमारी, परिमल सरदार, जयंत तिवारी, विशाल पांडेय सहित सभी पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

