राष्ट्र संवाद संवाददाता
देवघर: भूतपूर्व प्रधानमंत्री और तत्कालीन युवा तुर्क चंद्रशेखर की स्मृति में कुछ बात जेहन में है जो कुछ अपने बड़े भाई कृष्णा नंद झा उर्फ पागो जी से सुना था आपके सामने प्रस्तुत करना चाह रहा हूं कि चंद्रशेखर का नाता सदैव संथाल परगना से रहा था क्योंकि यह समाजवादियों का गढ़ रहा था देवघर विधानसभा तत्कालीन बांका लोकसभा का अंग था और बांका लोकसभा से से मधु लीमये बाद में जॉर्ज फर्नांडीज जैसे दिग्गज नेता चुनाव हार गए थे। यह बात चंद्रशेखर के जेहन में हमेशा थी। और समाजवादियों के संघर्ष के दिनों में उन्होंने यहां पर तत्कालीन देशभर में चर्चित पड़रिया कांड में अपना पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के पुत्र अजीत सिंह के साथ समय भी दिया था। सरकार के विरुद्ध उस आंदोलन में गंगा खाबाडे कृष्णानंद झा उर्फ पागोजी, रूद्र नारायण, पुरोहितवार योगीराज ने अहम भूमिका निभाई थी।घटना 1991 की है जब चंद्रशेखर ने विश्वनाथ प्रताप सिंह धोखे का बदला लेकर उन्हें पद्च्युतकर स्वयं प्रधानमंत्री पद पर आसीन हुए थे। उसे समय तत्कालीन जेएनयू में प्रोफेसर रहे। और विदेशी व वित्त उप मंत्री दिग्विजय सिंह के बारे में दिल्ली में कृष्णानंद झा उर्फ पागो जी से कहा था कि ,पागोजी इस बार बांका का प्रतिनिधित्व संसद में दिग्विजय सिंह करेंगे। और उसी के बाद हुए लोकसभा चुनाव में दिग्विजय सिंह यहां से समाजवादी जनता दल के प्रत्याशी भी रहे। लेकिन दुर्भाग्य से वह अपना जमानत भी नहीं बचा पाए लेकिन उन्होंने एक बहुत महत्वपूर्ण बयान दिया था कि मैं इस चुनाव में यहां सिखने आया हूं ।और बाद में उन्होंने बांका लोकसभा का कुशल प्रतिनिधित्व किया। तथा बांका लोकसभा का कुशल प्रतिनिधित्व कर यहां के अभी भी जो विकास हो रहे हैं यथा रेलवे अथवा एयरपोर्ट हैं। उनका खाका खींचने वाले विकासोन्मुख व्यक्तित्व के धनी दिग्विजय सिंह ही बने।जो चंद्रशेखर के शिष्य थे।

