किसानों की समृद्धि की ओर एक और कदम: 5000 मेट्रिक टन कोल्ड स्टोरेज का उद्घाटन विधानसभाध्यक्ष करेंगे कल
निजाम खान। राष्ट्र संवाद
जामताड़ा: नाला विधानसभा के किसानों के लिए एक ऐतिहासिक दिन आने वाला है। कल यानी सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष रविंद्र नाथ महतो नाला प्रखंड के सालुका में बना 5000 मेट्रिक टन क्षमता वाले अत्याधुनिक कोल्ड स्टोरेज का उद्घाटन करेंगे। उक्त बातों की जानकारी राष्ट्र संवाद को विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने दिया। यह कोल्ड स्टोरेज न केवल तकनीकी दृष्टिकोण से अत्याधुनिक है, बल्कि यह किसानों के लिए आर्थिक रूप से एक नया रास्ता खोलने जा रहा है। यह पहल राज्य में कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने और किसानों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।नाला के किसान साल भर मेहनत करके फल, सब्ज़ियाँ और अन्य कृषि उपज तैयार करते हैं, लेकिन भंडारण की उचित व्यवस्था न होने के कारण अक्सर उन्हें अपनी उपज सस्ते दामों पर बेचनी पड़ती है या फिर भारी नुकसान झेलना पड़ता है। इस नई कोल्ड स्टोरेज सुविधा के जरिए किसान अब अपनी उपज को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकेंगे और बेहतर समय पर बेहतर दामों में बिक्री कर सकेंगे।इस कोल्ड स्टोरेज में आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है, जो तापमान और नमी को नियंत्रित करके फल और सब्ज़ियों को लंबे समय तक ताज़ा रखेगा। इसका सीधा लाभ उन किसानों को मिलेगा जो आलू, टमाटर, हरी सब्ज़ियाँ, फल, फूल और दुग्ध उत्पाद जैसे जल्दी खराब होने वाले सामान का उत्पादन करते हैं। अब उन्हें फसल कटने के तुरंत बाद बाजार में बेचने की मजबूरी नहीं होगी, और वे बाजार की मांग के अनुसार उचित समय का चयन कर सकेंगे।विधानसभा अध्यक्ष रविंद्र नाथ महतो ने इस परियोजना को किसानों के हित में एक ‘गेम चेंजर’ बताया है। उन्होंने कहा कि, “हमारा लक्ष्य सिर्फ उत्पादन बढ़ाना नहीं है, बल्कि किसानों को उनके परिश्रम का पूरा मूल्य दिलाना भी है। यह कोल्ड स्टोरेज किसानों को आत्मनिर्भर बनने में मदद करेगा और कृषि को एक लाभकारी व्यवसाय में बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम है।इस परियोजना से क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। कोल्ड स्टोरेज के संचालन और रख-रखाव के लिए स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।यह कोल्ड स्टोरेज न केवल एक इमारत है, बल्कि किसानों की उम्मीदों का नया ठिकाना बनकर उभरेगा। राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन की इस पहल से यह स्पष्ट होता है कि वे किसानों को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास की धुरी मानते हैं।झारखंड जैसे कृषि प्रधान राज्य के लिए यह एक प्रेरणादायक पहल है। यह न केवल खाद्य सुरक्षा को मज़बूत करेगा, बल्कि किसानों की आय दोगुनी करने के सपने को भी एक मजबूत आधार प्रदान करेगा। कल का उद्घाटन सिर्फ एक इमारत का नहीं, बल्कि किसानों की खुशहाली की नई सुबह का प्रतीक होगा।

