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    Home » मोहनसिंह लक्ष्मणसिंह परमार पर कातिलाना हमला: ₹32 करोड़ की साजिश बेनकाब, 7 गिरफ्तार
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    मोहनसिंह लक्ष्मणसिंह परमार पर कातिलाना हमला: ₹32 करोड़ की साजिश बेनकाब, 7 गिरफ्तार

    Devanand SinghBy Devanand SinghAugust 1, 2026No Comments3 Mins Read
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    मोहनसिंह लक्ष्मणसिंह परमार
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    लेखक: इंद्र यादव

    वसई के जाने-माने उद्योगपति मोहनसिंह लक्ष्मणसिंह परमार को मौत के घाट उतारने की एक बड़ी साजिश को पुलिस ने नाकाम करते हुए मुख्य साजिशकर्ता समेत 7 आरोपियों को धर दबोचा है। 24 जुलाई को हुई इस फायरिंग की घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। पुलिस की त्वरित और सतर्क कार्रवाई से ₹32 करोड़ के लेन-देन और कंपनी हथियाने का यह खूनी खेल बेनकाब हो गया है।

    मोहनसिंह लक्ष्मणसिंह परमार पर हमले का पूरा घटनाक्रम

    अतिरिक्त पुलिस आयुक्त संजय शिंत्रे के अनुसार, वसई पूर्व के ‘डायमंड इंडस्ट्रियल एस्टेट’ में मोहनसिंह परमार और मुख्य आरोपी सागर गिरीश भानुशाली मिलकर पार्टनरशिप में व्यवसाय करते थे।

    सागर भानुशाली पेशे से एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) है। शुरुआत में वह कंपनी में छोटे-मोटे काम देखता था। लेकिन अपनी पेशेवर योग्यता और वित्तीय मामलों (फाइनेंशियल मैनेजमेंट) की गहरी समझ के दम पर उसने धीरे-धीरे कंपनी के कामकाज पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली और कंपनी को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।

    इसी दौरान, 32 करोड़ रुपये के भारी-भरकम लेन-देन और पूरी कंपनी पर अकेले कब्जा जमाने की बुरी नीयत ने सागर को इतना अंधा कर दिया कि उसने अपने ही बिजनेस पार्टनर को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रच डाली।

    हमले का खौफनाक मंजर

    24 जुलाई को जब उद्योगपति मोहनसिंह परमार कंपनी से बाहर निकल रहे थे, तभी घात लगाए बैठे मुख्य शूटर सुजीत देवेंद्रभाई पांडे ने उन्हें पीछे से आवाज दी।

    जैसे ही मोहनसिंह ने आवाज सुनकर मुड़कर देखा, शूटर तुरंत उनके पास पहुंच गया और सीधे उनकी छाती पर गोली दागने की कोशिश की। हालांकि, अचानक हुई हलचल के कारण गोली छाती पर न लगकर बगल से निकल गई। इसके बाद जब शूटर ने दूसरी गोली चलाने की कोशिश की, तो उसकी पिस्टल जैम (ब्लॉक) हो गई।

    गैंगस्टर जैसी मानसिकता का परिचय देते हुए शूटर ने पिस्तौल के जाम होने पर हार नहीं मानी और नीचे गिरे मोहनसिंह के सिर पर पिस्तौल की बट से ताबड़तोड़ कई जोरदार वार किए। हमलावर का मकसद यह सुनिश्चित करना था कि माथे और सिर पर गंभीर चोटें लगने से मोहनसिंह बच न सकें।

    पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारियां

    इस सनसनीखेज मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने तुरंत एक्शन लिया। पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त संजय शिंत्रे, डीसीपी अशोक वीरकर और वालीव पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दिलीप घुगे के नेतृत्व में पुलिस टीमों का गठन किया गया।

    जांच के दायरे को बढ़ाते हुए पुलिस ने इस खूनी खेल के मुख्य शूटर सुजीत देवेंद्रभाई पांडे और हथियार सप्लायर मनोज मूलचंद ठठेरा को उत्तर प्रदेश के बलिया और आजमगढ़ से धर दबोचा। पुलिस की इस तेजतर्रार कार्रवाई से अपराधियों के मंसूबे धरे के धरे रह गए।

    वालीव पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता सागर गिरीश भानुशाली समेत कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब इस पूरे रैकेट में शामिल अन्य चेहरों और हथियारों के नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है ताकि इस साजिश की जड़ तक पहुंचा जा सके।

    मामले की विस्तृत जानकारी के लिए महाराष्ट्र पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट देखें।

    गिरफ्तार आरोपियों के नाम

    • सागर गिरीश भानुशाली (मुख्य साजिशकर्ता)
    • सुजीत देवेंद्रभाई पांडे (मुख्य शूटर)
    • मनोज मूलचंद ठठेरा (हथियार सप्लायर)
    • अन्य 4 आरोपी (पहचान जारी)

    मामले की प्रमुख बातें

    • वसई के उद्योगपति मोहनसिंह लक्ष्मणसिंह परमार पर जानलेवा हमला।
    • पार्टनर सागर गिरीश भानुशाली ने रची ₹32 करोड़ की साजिश।
    • शूटर सुजीत देवेंद्रभाई पांडे की पिस्टल जाम होने पर बट से हमला।
    • पुलिस ने यूपी के बलिया और आजमगढ़ से शूटर और सप्लायर को पकड़ा।
    • कुल 7 आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी।
    32 करोड़ साजिश उद्योगपति हमला मोहनसिंह परमार वसई अपराध सागर भानुशाली
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