मरीजों को बचाते-बचाते मेरी जान भी चली जाए तो मैं खुद को भाग्यशाली समझूंगा:इरफान
निजाम खान की रिपोर्ट
जामताड़ा: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष सह जामताड़ा विधायक डॉक्टर इरफान अंसारी कोरोना के इस महामारी मे एक योद्धा के तौर पर आगे आते हुए एक चिकित्सक के रूप में सुचारू ढंग से सेवा दे रहे हैं। बिना कुछ सोचे समझे सुबह घर से निकल कर दिन रात मरीजों का इलाज कर रहे हैं। एक जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्होंने एक नई मिसाल पेश की है। विधायक इरफान अंसारी अपनी जान को जोखिम में डालकर दिन-रात लोगों की निस्वार्थ भावना से सेवा कर रहे हैं और उसी क्रम में वह झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को चिट्ठी लिखकर अपनी सेवा एक चिकित्सक के रूप में देने की बात कही है। इस संदर्भ में वे मुख्यमंत्री से मिलकर भी अपनी बातों को रखा है की पहले वे एक डॉक्टर हैं फिर जनप्रतिनिधि और एक डॉक्टर कभी भी अपनी आंखों के सामने मरीजों को मरता नहीं देख सकता। आज लोगों को एक विधायक से ज्यादा एक डॉक्टर की आवश्यकता है और इसी को देखते हुए मैंने आज यह निर्णय लिया है। अगर अपने गरीब मरीजों को बचाते-बचाते मेरी जान भी चली जाए तो मैं खुद को भाग्यशाली समझूंगा।

