रिपोर्ट – अमन ओझा (ब्यूरो चीफ, कोल्हान)
राजनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत टांगरानी गांव के समीप शनिवार शाम एक बड़ा सड़क हादसा टल गया, जब फ्लाई ऐश (राख) से लदा 12 चक्का हाईवा अनियंत्रित होकर पलट गया। यह घटना शाम करीब 7 बजे राजनगर-कुनाबेड़ा मार्ग पर हुई, जिसमें चालक बाल-बाल बच गया और एक बड़ी जनहानि होने से टल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वाहन सड़क किनारे बैक किया जा रहा था, तभी अचानक संतुलन बिगड़ने से हाईवा पलट गया। वाहन के पलटते ही फ्लाई ऐश सड़क और आसपास के क्षेत्रों में फैल गया, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्परता दिखाते हुए चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। हालांकि इस हादसे के कारण मार्ग पर कुछ समय के लिए आवागमन बाधित रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर प्रतिदिन भारी संख्या में फ्लाई ऐश लदे वाहनों का आवागमन होता है, जिससे सड़क की स्थिति लगातार खराब हो रही है। जगह-जगह गड्ढे बन जाने से दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने उड़ती राख को सबसे बड़ी समस्या बताया है। तेज रफ्तार वाहनों से उड़ने वाली फ्लाई ऐश आसपास के गांवों में फैल जाती है, जिससे लोगों को सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों पर इसका दुष्प्रभाव साफ देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मार्ग पर ओवरलोडिंग, तेज रफ्तार और नियमों की अनदेखी के कारण अक्सर छोटे-बड़े हादसे होते रहते हैं।
यह दर्दनाक घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और पर्यावरणीय खतरे को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि फ्लाई ऐश लदे वाहनों के संचालन पर सख्त नियंत्रण किया जाए तथा ओवरलोडिंग और नियम उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। साथ ही सड़क की मरम्मत, नियमित पानी का छिड़काव और ढके हुए वाहनों से परिवहन सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई है। टांगरानी गांव के पास हुआ यह हादसा महज एक दुर्घटना नहीं, बल्कि क्षेत्र में बढ़ते सड़क हादसों और पर्यावरण प्रदूषण की गंभीर चेतावनी है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या भविष्य में और विकराल रूप ले सकती है।

