राष्ट्र संवाद संवाददाता
सरायकेला-खरसावां (चांडिल) : नारायण आईटीआई, लुपुंगडीह चांडिल में भगवान परशुराम जयंती श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर संस्थान के सभी शिक्षक, प्रशिक्षु एवं कर्मचारी उपस्थित रहे और भगवान परशुराम जी के आदर्शों को स्मरण किया।
कार्यक्रम के दौरान संस्थान के संस्थापक डॉ. जटाशंकर पांडे ने अपने संबोधन में भगवान परशुराम जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वे भगवान विष्णु के छठे अवतार थे, जिन्होंने अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष कर धर्म की स्थापना की। उनका जन्म ऋषि जमदग्नि और माता रेणुका के यहाँ हुआ था तथा वे बचपन से ही तेजस्वी, पराक्रमी और विद्वान थे।
डॉ. पांडे ने कहा कि भगवान परशुराम जी ने समाज को सत्य, न्याय और धर्म के पालन का संदेश दिया। वे महान योद्धा होने के साथ-साथ एक आदर्श गुरु भी थे। उनके जीवन से हमें प्रेरणा मिलती है कि सदैव सत्य के मार्ग पर चलें और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएं।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने भगवान परशुराम जी के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर प्राचार्य जयदीप पांडे, शांति राम महतो, नंदलाल दंडपात, शुभम साहू, देवाशीष मंडल, संजीत महतो, पवन महतो, हरीश चंद्र दास, गौरव महतो, कृष्णा पद महतो, शिशुमती दास सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

