आखिर बार-बार डॉ. अभिषेक ही विवादों में क्यों आते हैं?
डॉ. अभिषेक के क्लीनिक से स्थानीय लोग परेशान, सड़क जाम और बाउंसरों के डर से बढ़ा आक्रोश
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर के काशीडीह स्थित डॉ. अभिषेक क्लिनिक से जुड़े विवाद अब शहर की सुर्खियों में हैं। सामाजिक कार्यकर्ता सागर तिवारी के साथ चल रहा टकराव, कानूनी नोटिस और सोशल मीडिया पर आरोप-प्रत्यारोप ने इस पूरे प्रकरण को और पेचीदा बना दिया है।

डॉ. अभिषेक का दावा है कि सागर तिवारी की फेसबुक पोस्ट से उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है, जिससे क्लिनिक की आय पर असर पड़ा और करीब 90 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ। इस आधार पर उन्होंने कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं सागर तिवारी ने इस दावे को “हास्यास्पद” बताते हुए खुले मंच पर आय-व्यय का ब्यौरा सार्वजनिक करने की चुनौती दी है।

इस विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है क्योंकि जहां क्लीनिक स्थित है वहां के स्थानीय लोग भी लगातार परेशान हैं। उनका कहना है कि डॉ. अभिषेक न केवल पैसे और पद का दुरुपयोग करते हैं, बल्कि क्लिनिक के कारण क्षेत्र में आए दिन सड़क जाम की समस्या बनी रहती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि कोई इस अव्यवस्था या परेशानी को लेकर आवाज उठाता है, तो उसे डॉ. अभिषेक के बाउंसरों से जवाब मिलता है।

लोगों ने इस स्थिति से तंग आकर हस्ताक्षर अभियान भी शुरू कर दिया है और स्पष्ट कहा है कि अब इस तरह की दादागिरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्थानीय निवासियों का कहना है कि आम जनता की सुविधाओं और शांति से खिलवाड़ करने की यह प्रवृत्ति लंबे समय से चल रही है और अब इसे रोकना जरूरी है।
अब सवाल उठ रहा है कि आखिर क्यों डॉ. अभिषेक बार-बार विवादों के घेरे में आते हैं?
क्या इसका कारण उनके कामकाज और व्यवहार की शैली है?
क्या वह अपने पैसे और पद का दुरुपयोग कर रहे हैं?
या फिर विरोधियों के आरोपों में वास्तव में सच्चाई छिपी हुई है?

इस बार का विवाद इतना गंभीर है कि मामला अदालत तक जा पहुंचा है। डॉक्टरों की दुनिया से लेकर सोशल मीडिया और स्थानीय नागरिकों तक, हर जगह इस मुद्दे पर चर्चा है। अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि अदालत का फैसला किस पक्ष के हक में आता है और इससे डॉ. अभिषेक की साख पर क्या असर पड़ता है।

स्थानीय निवासियों की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द हस्तक्षेप करे और सड़क जाम, बाउंसरों की दबंगई तथा पद-दुरुपयोग की इन शिकायतों पर सख्त कार्रवाई हो।

