छात्रों की आवाज दबाने के लिए लाठीचार्ज और विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी लोकतंत्र पर हमला: रघुवर दास
झारखंड लाठी से नहीं, संवाद से चलेगा, हेमंत सरकार को देना होगा जवाब: रघुवर दास
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। झारखंड के राजधानी रांची में अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी समेत एनडीए के विधायकों को हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला है।
पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठा रहे छात्रों पर लाठी बरसाना और विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए जनप्रतिनिधियों को हिरासत में लेना सरकार के तानाशाही चरित्र को उजागर करता है। लोकतंत्र में सवाल पूछना और अपनी मांगों के लिए आवाज उठाना हर नागरिक का अधिकार है। सरकार को इस अधिकार का सम्मान करना चाहिए, न कि पुलिस की लाठियों के दम पर आंदोलन को कुचलने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लाठी के जोर पर युवाओं की आवाज नहीं दबाई जा सकती। आवाज को जितना दबाने का प्रयास किया जाएगा, उसकी गूंज उतनी ही दूर तक जाएगी। आज झारखंड का युवा अपने भविष्य, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। सरकार को युवाओं की जायज मांगों का समाधान करना चाहिए, उन्हें डराने-धमकाने या बल प्रयोग करने का रास्ता नहीं अपनाना चाहिए।
रघुवर दास ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार सत्ता के अहंकार में लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तार-तार करने से बाज आए। छात्रों के साथ हुई कार्रवाई और विपक्षी नेताओं की हिरासत का जवाब सरकार को देना होगा।
उन्होंने सवाल किया कि परीक्षाओं में पारदर्शिता कब सुनिश्चित होगी, अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कब होगी और झारखंड के युवाओं को न्याय कब मिलेगा।
रघुवर दास ने स्पष्ट किया कि भाजपा युवाओं के अधिकार, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों की लड़ाई से पीछे नहीं हटेगी। झारखंड लाठी से नहीं, संवाद और लोकतंत्र से चलेगा। सरकार दमन का रास्ता छोड़े और छात्रों की मांगों का समाधान करे।

