काण्ड्रा जंक्शन के ठहराव से लेकर नई ट्रेनों तक का मुद्दा गर्माया
राष्ट्र संवाद संवाददाता
दक्षिण पूर्व रेलवे के काण्ड्रा जंक्शन और कोल्हान क्षेत्र की रेल सुविधाओं में सुधार को लेकर एक बार फिर आवाज बुलंद हुई है। स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों ने रेलवे उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति के सदस्य मनोज कुमार चौधरी को मांग पत्र सौंपकर वर्षों से लंबित रेल परियोजनाओं और यात्री सुविधाओं को प्राथमिकता देने की मांग की है।
यात्रियों की पहली मांग—टाटा-थावे एक्सप्रेस का ठहराव
ज्ञापन में काण्ड्रा जंक्शन पर टाटा-थावे एक्सप्रेस का ठहराव पुनः शुरू करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रेन का ठहराव बंद होने से यात्रियों को टाटानगर या अन्य स्टेशनों पर निर्भर रहना पड़ता है।
सबवे निर्माण से मिलेगी राहत
रेलवे लाइन के दोनों ओर बसे काण्ड्रा बाजार क्षेत्र के निवासियों ने अंडरपास या लिमिटेड हाइट सबवे निर्माण की मांग करते हुए कहा कि इससे बाजार क्षेत्र में यातायात सुगम होगा और सुरक्षा भी बढ़ेगी।
कोल्हान के रेल नक्शे को बदलने की तैयारी
मनोज चौधरी ने कहा कि आगामी बैठक में सरायकेला को रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए सर्वेक्षण, चाईबासा से प्रमुख शहरों के लिए नई ट्रेन सेवा, यात्री ट्रेनों की समयबद्धता, मेमू विस्तार और रेलवे अधोसंरचना विकास जैसे मुद्दों को प्रमुखता से रखा जाएगा।
‘योगदान बड़ा, सुविधाएं छोटी’
उन्होंने कहा कि कोल्हान देश के सबसे महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्रों में शामिल है। यहां से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में लौह अयस्क और अन्य खनिजों का परिवहन होता है, जिससे रेलवे को करोड़ों रुपये का राजस्व मिलता है। इसके बावजूद क्षेत्र की रेल सुविधाएं अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच सकी हैं।
जनता की उम्मीदें बढ़ीं
स्थानीय नागरिकों को उम्मीद है कि रेलवे उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति की बैठक में इन मुद्दों के उठने से क्षेत्र की लंबित मांगों को गति मिलेगी और कोल्हान को बेहतर रेल संपर्क का लाभ प्राप्त होगा।

