मन को निर्मल बनाता है कीर्तन : आनंद मार्ग प्रचारक संघ
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर : आनंद मार्ग प्रचारक संघ की ओर से विश्वभर में “बाबा नाम केवलम्” कीर्तन का 24 घंटे का अखंड आयोजन किया गया, जो 9 अक्टूबर को संपन्न हुआ। यह अष्टाक्षरी सिद्ध महामंत्र 8 अक्टूबर 1970 को सद्गुरु आनंदमूर्ति जी द्वारा स्थापित किया गया था।
समापन अवसर पर सुनील आनंद ने कहा कि कीर्तन ईश्वर-प्राप्ति का सरल साधन है, जो मन को निर्मल बनाकर तनाव, चिंता और अशांति से मुक्ति दिलाता है। कीर्तन व्यक्ति को ईश्वर से जोड़ने, आत्मिक शांति, प्रेम और सहानुभूति की अनुभूति कराने का श्रेष्ठ माध्यम है।

