भीषण गर्मी में 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने वाले कनीय अभियंता मोहम्मद रफीक आलम की हो रही सराहना
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जामताड़ा: भीषण गर्मी के इस दौर में जहां निर्बाध बिजली आपूर्ति लोगों की सबसे बड़ी जरूरत बन गई है, वहीं जामताड़ा जिले में बिजली विभाग के कनीय अभियंता मोहम्मद रफीक आलम अपनी कार्यशैली और समर्पण के कारण लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर विद्युत व्यवस्था बनाए रखने के लिए उनके प्रयासों की स्थानीय लोग खुलकर सराहना कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, जामताड़ा जिले में वर्तमान समय में कनीय अभियंताओं की भारी कमी है। ऐसे में पूरे जिले के छह विद्युत आपूर्ति प्रशाखाओं—जामताड़ा शहरी, जामताड़ा ग्रामीण, कर्माटांड़, मिहिजाम, नाला और कुंडहित—की जिम्मेदारी एक ही कनीय अभियंता के भरोसे संचालित हो रही है। बता दे मोहम्मद रफीक आलम वर्तमान में जामताड़ा ग्रामीण विद्युत आपूर्ति प्रशाखा में कनीय अभियंता के पद पर पदस्थापित है।इसके आलावा जामताड़ा शहरी, कर्माटांड़,मीहीजाम, नाला और कुंडहित विद्युत आपूर्ति प्रशाखा का अतिरिक्त प्रभार भी मोहम्मद रफीक आलम को सौंपा गया है।
एक व्यक्ति के कंधों पर छह प्रशाखाओं की जिम्मेदारी होना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की निगरानी, तकनीकी समस्याओं का समाधान, उपभोक्ताओं की शिकायतों का निपटारा और कर्मचारियों के साथ समन्वय स्थापित करना उनके दैनिक कार्यों का हिस्सा है। इसके बावजूद वे लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहकर उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा देने का प्रयास कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि एक समय ऐसा था जब जिले के कई गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल होने के लिए लोगों को कई-कई दिनों, यहां तक कि महीनों तक इंतजार करना पड़ता था। व्यवसायियों, विद्यार्थियों और आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। कई बार मोबाइल चार्ज करने के लिए लोगों को पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल तक जाना पड़ता था। लेकिन आज स्थिति काफी बदल चुकी है और लोगों को लगभग 24 घंटे बिजली उपलब्ध हो रही है।
ऐसे में मोहम्मद रफीक आलम का समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदार कार्यशैली निश्चित रूप से प्रशंसा के योग्य है। स्थानीय लोग उनके कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें बेहतर विद्युत व्यवस्था का प्रमुख आधार मान रहे हैं।

