लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
जेपीएस बारीडीह ने सामाजिक दायित्व निभाते हुए ग्रामीण शिक्षा को नई दिशा दी है। जमशेदपुर पब्लिक स्कूल, बारीडीह ने उत्क्रमित मध्य विद्यालय, टांगराईन के पुस्तकालय हेतु 200 से अधिक पुस्तकें दान कीं, जिससे मोबाइल लाइब्रेरी पहल को बल मिलेगा। यह कदम न केवल पुस्तकों की उपलब्धता बढ़ाएगा, बल्कि ग्रामीण बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने में भी सहायक सिद्ध होगा।
जेपीएस बारीडीह का योगदान
जमशेदपुर: जमशेदपुर पब्लिक स्कूल (जेपीएस), बारीडीह ने उत्क्रमित मध्य विद्यालय, टांगराईन के पुस्तकालय के लिए 200 से अधिक पुस्तकें दान स्वरूप भेंट कीं। इन पुस्तकों का उपयोग विद्यालय की “मोबाइल लाइब्रेरी” पहल को और समृद्ध बनाने में किया जाएगा।
इंटरेक्ट क्लब की छात्राओं वंशिका और मौलिका ने यूएमएस टांगराईन के प्रधानाध्यापक अरविंद कुमार तिवारी को पुस्तकें सौंपीं। इस अवसर पर जेपीएस बारीडीह की प्रिंसिपल नमिता अग्रवाल, शिक्षिका सुष्मिता तथा समाजसेवी सौविक साहा उपस्थित रहे।
प्रिंसिपल नमिता अग्रवाल ने टांगराईन स्कूल की मोबाइल लाइब्रेरी पहल की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के प्रसार की दिशा में एक प्रेरणादायी प्रयास बताया।
टांगराईन स्कूल की मोबाइल लाइब्रेरी पहल ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की पहुंच बढ़ाने का एक अनूठा प्रयास है। इस पहल के तहत पुस्तकें गांव-गांव तक पहुंचाई जाती हैं, जिससे बच्चों को पढ़ने का अवसर मिलता है। प्रिंसिपल नमिता अग्रवाल ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह ग्रामीण शिक्षा के प्रसार में मील का पत्थर साबित होगी।
इंटरेक्ट क्लब की छात्राओं वंशिका और मौलिका ने पुस्तकें सौंपकर छात्र नेतृत्व की मिसाल पेश की। उनके इस योगदान से अन्य छात्र भी प्रेरित होंगे। समाजसेवी सौविक साहा की उपस्थिति ने सामुदायिक भागीदारी को रेखांकित किया।
दान की गई पुस्तकों में कहानी, विज्ञान, इतिहास और सामान्य ज्ञान की पुस्तकें शामिल हैं। ये पुस्तकें मोबाइल लाइब्रेरी के माध्यम से आसपास के गांवों तक पहुंचेंगी। इससे लगभग 500 से अधिक बच्चों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
जेपीएस बारीडीह की प्रिंसिपल नमिता अग्रवाल ने भविष्य में भी ऐसे सहयोग जारी रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही समाज को बदलने का सबसे सशक्त माध्यम है। विद्यालय प्रबंधन इस दिशा में निरंतर प्रयासरत रहेगा।
ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत किया। अभिभावकों ने कहा कि पुस्तकों की उपलब्धता से उनके बच्चों का भविष्य उज्ज्वल होगा। स्थानीय प्रशासन ने भी इस प्रयास की सराहना की।
शिक्षा के क्षेत्र में ऐसी पहलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार भी प्रयासरत है। अधिक जानकारी के लिए शिक्षा मंत्रालय की वेबसाइट देखें।

