लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
झारखंड के जमशेदपुर में नशे के अवैध कारोबार पर शिकंजा कसते हुए एमजीएम थाना पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। ग्रामीण क्षेत्रों में फैले मादक पदार्थों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के उद्देश्य से चलाए गए विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से नशा तस्करों में हड़कंप मच गया है।
एमजीएम थाना पुलिस ने किया अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश
नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एमजीएम थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराज्यीय गांजा तस्कर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 9.2 किलोग्राम गांजा, 31,360 रुपये नकद, एक मोटरसाइकिल, इलेक्ट्रॉनिक तराजू और मोबाइल फोन बरामद करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है तथा उनके खिलाफ एमजीएम थाना में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
गुरुवार को ग्रामीण एसपी शुभम खंडेलवाल ने प्रेस वार्ता में बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि एमजीएम थाना क्षेत्र के बेको गांव निवासी मंतोष महतो के घर से गांजा की खरीद-बिक्री की जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस उपाधीक्षक दयानंद कुमार, एमजीएम थाना प्रभारी सचिन कुमार दास एवं थाना पुलिस की टीम ने छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान घर से 7.2 किलोग्राम गांजा, एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू और 6,400 रुपये नकद बरामद किए गए।
पूछताछ में मंतोष महतो ने स्वीकार किया कि वह पश्चिम बंगाल के पुरुलिया से गांजा मंगाकर जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों में उसकी बिक्री करता था। उसने पुलिस को बताया कि उसके दो सहयोगी शंभू गोराई और प्राण कृष्णा गोराई गांजा की नई खेप लेकर उसके घर आने वाले हैं।
सूचना के आधार पर पुलिस ने छोटाबाकी गांव जाने वाली सड़क पर घेराबंदी कर बाइक से आ रहे दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से 2 किलोग्राम गांजा और 24,960 रुपये नकद बरामद किए गए।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बेको गांव निवासी मंतोष महतो तथा पश्चिम बंगाल के पुरुलिया निवासी शंभू गोराई और प्राण कृष्णा गोराई के रूप में हुई है। पूछताछ के बाद तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
नशा मुक्ति अभियान में तेजी जारी
ग्रामीण एसपी ने बताया कि नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी रहेगा। उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले ही सीतारामडेरा थाना पुलिस ने टाटानगर बस स्टैंड से 33 किलोग्राम गांजा के साथ पटना के एक तस्कर को गिरफ्तार किया था। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि जमशेदपुर पुलिस नशे के अवैध कारोबार पर सख्ती से अंकुश लगाने में जुटी हुई है।
इस सफलता से स्थानीय नागरिकों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है। नशे की लत युवा पीढ़ी को बर्बाद कर रही है, ऐसे में एमजीएम थाना पुलिस की यह कार्रवाई सराहनीय है। मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए अंतरराज्यीय समन्वय भी जरूरी है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अनुसार, झारखंड-बंगाल सीमा तस्करी का प्रमुख मार्ग है। पुलिस की सतर्कता से इस नेटवर्क को तोड़ने में मदद मिलेगी।
आगे भी ऐसे अभियान चलते रहने चाहिए ताकि समाज को नशे के दुष्प्रभाव से बचाया जा सके। नागरिकों से भी अपील है कि वे संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस को दें। सामूहिक प्रयास से ही नशा मुक्त समाज का निर्माण संभव है।

