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    Home » 9 साल बाद भी अधूरे सपने: जियाडा की 21 में से सिर्फ 2 फैक्ट्रियां चालू, रोजगार और निवेश पर उठे सवाल
    झारखंड सरायकेला-खरसावां

    9 साल बाद भी अधूरे सपने: जियाडा की 21 में से सिर्फ 2 फैक्ट्रियां चालू, रोजगार और निवेश पर उठे सवाल

    Aman OjhaBy Aman OjhaApril 19, 2026No Comments6 Mins Read
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    राष्ट्र संवाद संवाददाता

     

    झारखंड इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (जियाडा) के द्वारा मुसाबनी प्रखंड के राखा स्थित रोआम ग्राम मौजा में आवंटित कुल 21 उद्योगों को जमीन पर फैक्ट्री लगाने के लिए 218.62 एकड़ जमीन आवंटित की गई थी 2016=2017में।

    कारोबारी को जियाडा के द्वारा काफी कम कीमत पर फैक्ट्री लगाने के लिए जमीन दी गई थी ।

    लेकिन 9 साल हो जाने के बावजूद भी अभी तक मात्र दो फैक्ट्री में ही उत्पादन शुरू हो पाई है जिसमें प्रमुख रूप से शामिल हे एक्सल इंडिया और राहुल शर्मा के एस एस इंडस्ट्री की ईट फैक्ट्री हे वही बाकी 19 फैक्ट्री अभी तक उत्पादन नहीं कर पाए हैं वही बी एस जूस फैक्ट्री उद्पादन शुरू होने के एक महीना बाद ही बंद हो गई।

    झारखंड सरकार के द्वारा जिस उम्मीद से यहां कारोबारी को जमीन आवंटित की गई थी वह उम्मीद पूरी तरह से धूमिल होती नजर आ रही है अभी तक आस पास के ग्रामीणों को रोजगार नहीं मिल पाया जिससे अभी भी पलायन की स्थिति बनी हुई है।

    कई फैक्ट्री का उत्पादन नहीं शुरुआत होने से अभी तक जमीन खाली पड़ी हुई है जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है विधानसभा के ध्यान आकर्षण कमेटी के द्वारा भी उत्पादन शुरू नहीं होने के कारण यहां जांच पड़ताल की गई एवं जमीन वापसी तक की मांग की गई थी।

     

    इस मामले को लेकर लगभग 3 साल हो गए हैं लेकिन अभी तक एकमात्र एक्सेल इंडिया फैक्ट्री में ही उत्पादन शुरू हो पाया है कई फैक्ट्री अभी तक उद्पादन शुरू नहीं हो पाई हे।

    जिससे क्षेत्र में बेरोजगारी की संख्या किसी प्रकार भी कम नहीं हुई।

    बी एस जूस फैक्ट्री मूल भूत सुविधा नहीं मिलने के कारण बंद हो चुकी है।

    इस आवंटित जमीन पर कुल 21 उद्योग का लगना है। यह सभी कुल 844.25 करोड़ का प्रोजेक्ट है। जिसमें 1292 लोगों को रोजगार देने की बात कही गई है।

    जियाडा से उपलबध इन सभी आंकड़ों के मुताबिक सबसे बड़ा प्रोजेक्ट एचसीएल का है। जिसमें 90 एकड़ में कंस्टेटर प्लांट बैठना है। जिसकी अनुमानतः लागत 592 करोड़ 12 लाख है। यह सभी आंकड़ा वर्ष 2017 का है। जब रघुवर सरकार में वह जमीन वर्ष 2017-18 में उपलब्ध में विधायक दो फरवरी 2023 को पूर्व विधायक स्व रामदास सोरेन के हाथों भूमिपूजन सम्पन्न हुआ। इसके बाद प्रस्तावित इस बृहत प्रोजेक्ट के शिलान्यास पठ का भी शिलान्यास विधायक, पंचायत प्रतिनिधि, ग्राम प्रधान सहित प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा किया गया।

    21 उद्योगों की सूची

    ताबां प्रसंस्करण के लिए एचसीएल का प्रोजेक्ट 592.12 करोड़, सलाई मशीन की रिपेयरिंग करने लिए कासमिक इलेक्ट्रिक कम्पनी का प्रोजेक्ट

    -2.28 करोड़, केमिकल बनाने के लिए जमूरजा लुब्रिकेंट प्राईवेट लिमिटेड 7.14 करोड़, फ्लाइ एस ईंट बनाने के लिए एसएसएस इंटरप्राइजेज 1.03 करोड़, एल्यूमीनियम डाई के लिए सलसार इंडस्ट्री 4.95 करोड़, पशु आहार के लिए तारिणी ईको-1.10 करोड़, एथनोल बनाने के लिए किजाल्क स्टार्च एयो प्राइ‌वेट लिमिटेड 155 करोड़, फ्लाईएस ईंट के लिए प्रीती इंटरप्राइजेज 133 करोड़, राइस मिल के टाटानगर रइस मिल 12.35 करोड़, फेबरब्लाक के लिए प्रीती इंटरप्राइजेज- 1.7 करोड़, मेडिकेटेड जूस के लिए बीएसएस इंडस्ट्रीज फैक्ट्री लगा कर बंद कर चुकी हे।और उसमें निवेश की राशि

    लिमिटेड- 4.3 करोड़, नूडल के लिए गोयल फूड प्रोडक्ट्स -1.72 करोड़, फ्लाईएस इंट के लिए एसआरएस इंटरप्राइजेज -50 लाख, कास्टिंग प्रोडक्ट के लिए जयसवाल स्टील इंडस्ट्रीज 11.35 करोड़, पशु आहार के लिए आर एस इंडस्ट्री-1 करोड़, टायर और कम्प्रेशर समान बनाने के लिए मेक एबीपी कम्प्रेशर 1.3 करोड़, चना दाल बेसन बनाने के लिए मैत्री रिसोर्स लिमिटेड 16 लाख, भारी वाहन के एक्सल निर्माण के लिए एक्सल इंडिया -40 करोड़, केमिकल निर्माण के लिए साव केमिकल 2.2 करोड़, पिगमेंट और पेंट के लिए रैंबो केमिटेक-1.81 करोड़, प्लास्टिक कचड़ा से प्लास्टिक दाना तैयार करने के लिए मैप प्लास्टिक पोलिमर प्रोडक्ट- 90 लाख रुपए का प्रोजेक्ट प्रस्तावित है।

    भूमिपूजन में समय 18 उद्योगों में मात्र तीन के ही मालिक हुए शामिल

    भूमिपूजन कार्यक्रम में जिन 18 उद्योगों का भूमिपूजन हुआ। उसमें मात्र तीन उद्योग के मालिक ही इस कार्यक्रम में शामिल हुए। शेष मालिकों ने अपने का भूमिपूज सुपरवाइजरों को भेज दिया। स्व विधायक रामदास सोरेन ने तो कहा है कि इसकी मानेंटरिंग को लेकर हर महीने उपायुक्त कार्यालय में बैठक होगा। । जबकि टाटा मोटर के लिए भारी वाहन के एक्सल निर्माण के लिए एक्सल इंडिया ने यहां उद्पादन शुरू किया हे,एथनाल कंपनी बनकर कर तैयारी हे हे लेकिन उत्पादन होना बाकी हे।

    एस एस इट फैक्ट्री द्वारा उत्पादन शुरू किया हे।

    जबकि एचसीएल ने अब काम ही शुरू नहीं किया है।

    साथी कई फैक्ट्रियों ने चार दिवारी बनाई है लेकिन उत्पादन शुरू नहीं हुआ है।

    शिलान्यास के दौरान स्व विधायक रामदास सोरेन- ने यह कहा था कि

     

    ऐतिहासिक दिन है। यह प्रयास मुख्यमंत्री हेमंत

    सोरेन के कारण सफल हो पाया। कोरोना लाकडाउन के दौरान विभिन्न राज्यों में काम कर रहे मजदूरों को हवाई जहाज, रेल, बस से लेकर आये। उसी दौरान उन्होंने यह निर्णय लिया था कि झारखंड में ही रोजगार का सृजन किया जाएगा। रोआम मौजा में जियाहा की आबंटित जमीन पर एक साथ 18 उद्योगों का भूमि पूजन इसी की एक कड़ी है और इसकी शुरुआत मुसाबनी प्रखंड से हुई है। उन्होंने कहा कि जियाडा के नियमों का पालन करते हुए सभी उद्योगों के मालिक दो साल में अपना उत्पादन शुरू कर दें। यह तभी हो पाएगा जब आप भूमि पूजन के एक दिन बाद से ही इस काम में लगेगा रोजगार को लेकर उन्होंने कहा कि कुशल और अकुशल सभी मजदूर बहाली में स्थानीय को फैक्ट्री मालिकों को प्राथमिकता देना है। रेजा, कुली और मिस्त्री भी स्थानीय होगें। तेजी से प्लांट निर्माण के लिए मुर्शीदाबाद से मजदूर नहीं लाए, इसका ख्याल रहे। उन्होंने कहा कि कुशल और अकुशल मजदूरों की नियुक्ति भी घाटशिला स्थित श्रम नियोजन कार्यलय के माध्यम से ही करें। बहाली में ग्राम सभा की बातों का भी ध्यान रखें।

    प्रेमरंजन, क्षेत्रीय निदेशक जियाडा का कहना है कि जिन-जिन कारोबारी के द्वारा आवंटित जमीन पर काम प्रारंभ नहीं किया गया था उन्हें नोटिस भेजी गई थी नोटिस भेजने के बाद उन कारोबारियों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है मामला कोर्ट में लंबित है कोर्ट से फैसला आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

    12 करोड़ की लागत से यहां विद्युत सब स्टेशन का भी काफी तेजी से निर्माण करवाया जा रहा है जिससे कारोबारी को विद्युत सप्लाई में कोई व्यवधान न हो।

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