कुकड़ू में जनता दरबार, ग्रामीणों की समस्याओं का ऑन-द-स्पॉट समाधान
राष्ट्र संवाद संवाददाता
चांडिल कुकड़ू प्रखंड में शनिवार को प्रखंड स्तरीय जनता दरबार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण विभिन्न पंचायतों से पहुंचकर अपनी व्यक्तिगत और सामूहिक समस्याएं लेकर आए। दरबार में स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, सड़क, पेयजल, सिंचाई, एंबुलेंस, अवैध बालू खनन, कोल्ड स्टोरेज और स्थानीय बाजार जैसी प्रमुख समस्याएं उठाई गईं, जिनमें से कई मामलों का समाधान मौके पर ही किया गया।वही ओड़िया पंचायत समाजसेवी रोहित दे ने खराब पड़े चापकल एवं जमीनार को अविलंब मरम्मत की गुहार उपायुक्त से लगाते हुए ज्ञापन सौंपा.
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि इचागढ़ की विधायक श्रीमती सबिता महतो रहीं। उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए कहा क्षेत्र में सड़क मरम्मत, लिफ्ट इरीगेशन, महिला कॉलेज निर्माण जैसी कई योजनाएं स्वीकृत हो चुकी हैं और टेंडर की प्रक्रिया में हैं। साथ ही, विधायक निधि से जल्द ही एंबुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
जिला परिषद उपाध्यक्ष मधु श्री महतो, कुकरू प्रखंड की मूलभूत समस्याओं का रखते हुए स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के निष्पादन की मांग करते हुए स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर ,एंबुलेंस आदि की मांग रखी, वही नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल N G T द्वारा 10 जून से 15 अक्टूबर तक लगाई रोक के बावजूद ईचागढ़, तिरुलडीह सुवर्णरेखा नदी घाटों से अवैध रूप से खनन दिन रात,उठाव ओर परिवहन पर रोक लगाने की मांग की.
उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह ने कार्यक्रम में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना की और भरोसा दिलाया कि सभी आवेदन नियमानुसार और समयबद्ध तरीके से निष्पादित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि भविष्य में पंचायत स्तर पर भी जनता दरबार का आयोजन किया जाएगा ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ मिले। मौके पर लाभुक महिला समितियों,को चेक, विकलांगों को ट्राई साइकिल, आदि वितरण किया गया .,
जनता दरबार में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह, उप विकास आयुक्त आशीष अग्रवाल, जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो, डीआरडीए निदेशक डॉ. अजय तिर्की, अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार, चांडिल एसडीओ विकास कुमार राय समेत जिले के तमाम विभागों के वरीय अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
इस दौरान विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों पर विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई और पात्र लाभुकों से आवेदन प्राप्त किए गए। कई लाभुकों को योजनाओं के तहत परिसंपत्तियों का वितरण भी किया गया।

