जमशेदपुर में INSMEEF का राष्ट्रीय सेमिनार सम्पन्न, मजदूरों की चुनौतियों पर हुआ गहन मंथन
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर : इंडियन नेशनल स्टील, मेटल, माइंस एंड इंजीनियरिंग एम्प्लाइज फेडरेशन (INSMEEF) के तत्वावधान में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन माइकल जॉन ऑडिटोरियम में किया गया। इसमें देशभर से आए विभिन्न मजदूर संगठनों और यूनियनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल हुए।

मुख्य अतिथि ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष . सब्जीवा रेड्डी ने अपने संबोधन में कहा कि मजदूर आज न्यूनतम मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा, महंगाई और कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों की कमी जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने आह्वान किया कि मजदूरों के अधिकारों की रक्षा तभी संभव है जब सभी यूनियन आपसी मतभेद भूलकर एकजुट होकर संघर्ष करें।

सेमिनार के पहले दिन निम्न मुद्दों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ :
मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी और महंगाई भत्ता बढ़ाने की आवश्यकता
नई श्रम संहिता (Labour Code) का प्रभाव
निजीकरण और कॉरपोरेटाइजेशन से सार्वजनिक क्षेत्र (PSU) की नौकरियों पर खतरा
कार्यस्थल पर सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की अनिवार्यता
महिला मजदूरों की सुरक्षा और समान अवसर

प्रतिनिधियों ने कहा कि मजदूर आंदोलन को प्रभावी बनाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर साझा रणनीति बनानी होगी। झारखंड, बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश से आए यूनियन नेताओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए मजदूरों की वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डाला।

यह सम्मेलन मजदूर संगठनों के बीच संवाद का मंच बना और भविष्य की आंदोलनात्मक रणनीति तय करने में महत्वपूर्ण साबित हुआ।

