जादूगोड़ा का इचड़ा गांव बना साइबर अपराधियों का नया अड्डा, युवाओं की अचानक दौलत पर ग्रामीणों के सवाल
राष्ट्र संवाद मुख्य संवाददाता
जादूगोड़ा।साइबर अपराध के लिए कुख्यात हो चुके कोकदा गांव पर पुलिस की सख्ती के बाद अब जादूगोड़ा का इच ड़ा गांव साइबर अपराधियों का नया ठिकाना बनता जा रहा है। यहाँ कई युवाओं के नाम इस अवैध धंधे से जुड़ रहे हैं, जिनमें धर्मेंद्र भगत, सागर कर्मकार और राज भगत प्रमुख हैं। राज भगत का भाई राहुल भगत पहले से साइबर अपराध मामले में जेल में बंद है।

ग्रामीणों का आरोप है कि इन युवाओं ने हाल के दिनों में शानदार मकान, महंगी गाड़ियाँ और लग्जरी सामान खरीदे हैं, जिससे संदेह और गहराता जा रहा है। एक मामूली नौकरी करने वाले युवक द्वारा आलीशान मकान खड़ा करने पर भी सवाल उठे हैं।

सूत्रों के मुताबिक, साइबर थाना से कई युवाओं को नोटिस भी जारी किया गया है। सागर कर्मकार को बाहरी राज्य की पुलिस ने भी नोटिस थमाया है। वहीं, जादूगोड़ा निवासी हेमंत कालिंदी ने पुलिस को लिखित बयान देकर बताया है कि सागर ने उसका खाता और आधार कार्ड इस्तेमाल किया, जिससे उस पर भी नोटिस आ गया।

ग्रामीणों का कहना है कि ये युवक आए दिन महंगे फोन, गाड़ियाँ और होटलों में पार्टियाँ करते हैं। प्रशासन अब इन सभी पर पैनी नजर रखे हुए है। नवरंग मार्केट के जिशु सिंह को भी गाजियाबाद साइबर थाना से नोटिस मिला है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इचड़ा गांव समेत पूरे इलाके में साइबर अपराधियों की गहन जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाए।

