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    Home » माता-पिता की भूमिका पर हाई कोर्ट सख्त, भागे हुए जोड़े को फटकार के साथ सुरक्षा के निर्देश
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    माता-पिता की भूमिका पर हाई कोर्ट सख्त, भागे हुए जोड़े को फटकार के साथ सुरक्षा के निर्देश

    dhiraj KumarBy dhiraj KumarMarch 21, 2026No Comments2 Mins Read
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    माता-पिता की भूमिका पर हाई कोर्ट सख्त, भागे हुए जोड़े को फटकार के साथ सुरक्षा के निर्देश

    राष्ट्र संवाद संवाददाता

    उत्तराखंड हाई कोर्ट ने परिवार की मर्जी के खिलाफ शादी करने वाले एक बालिग जोड़े को कड़ी फटकार लगाई, साथ ही उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। मामला 18 वर्षीय युवती और 21 वर्षीय युवक का है, जिन्होंने मंदिर में विवाह कर परिवार से खतरे की आशंका जताते हुए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

    जस्टिस राकेश थपलियाल की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि “जिन माता-पिता ने जन्म दिया और पालन-पोषण किया, क्या उनकी कोई भूमिका नहीं है?” अदालत ने स्पष्ट किया कि बालिग होने का मतलब यह नहीं कि परिवार की अनदेखी कर कोई भी निर्णय लिया जाए।

    कोर्ट ने दंपति को नसीहत देते हुए कहा कि पहले उन्हें अपने माता-पिता से संवाद करना चाहिए था। साथ ही यह भी टिप्पणी की कि समाज में इस तरह की प्रवृत्ति चिंताजनक है।

    हालांकि, अंतिम आदेश में अदालत ने दंपति की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। पुलिस को निर्देश दिया गया कि वह खतरे का आकलन कर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करे और युवती के परिजनों को कानून अपने हाथ में न लेने की चेतावनी दे।

    इस फैसले में अदालत ने एक ओर माता-पिता के सम्मान और भूमिका पर जोर दिया, वहीं दूसरी ओर बालिग व्यक्तियों के संवैधानिक अधिकारों की भी रक्षा सुनिश्चित की।

    भागे हुए जोड़े को फटकार के साथ सुरक्षा के निर्देश माता-पिता की भूमिका पर हाई कोर्ट सख्त
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