राष्ट्र संवाद संवाददाता
पोटका प्रखंड के जुड़ी पंचायत अंतर्गत सामरसाई गांव में बुधवार को हादी बोंगा (सरहुल पूजा) पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ श्रद्धा और उत्साहपूर्वक मनाया गया। गांव के नाया शिवचरण सरदार के नेतृत्व में सुबह पूजा-अर्चना संपन्न हुई, जिसमें देवरी और ग्रामीणों ने सक्रिय सहयोग दिया। दोपहर में प्रसाद वितरण तथा शाम को नाया एवं कुपुल दारोम (पूजारी व अतिथि स्वागत) का आयोजन हुआ, जिससे पूरे गांव में उत्सव का माहौल बना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पोटका विधायक संजीव सरदार एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में मुखिया सुकलाल सरदार उपस्थित रहे। विधायक ने सरहुल पर्व की शुभकामनाएं देते हुए क्षेत्र की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि सरहुल प्रकृति पूजा और आदिवासी संस्कृति का प्रतीक है, जिसमें साल वृक्ष और धरती माता की आराधना की जाती है। यह पर्व झारखंड समेत पूर्वी भारत के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग नामों से मनाया जाता है और नई फसल के उपयोग की शुरुआत का संकेत देता है।
इस अवसर पर दल गोबिंद सरदार, बादल सरदार, रामकृष्ण सरदार, खोकन सरदार, श्यामल सरदार, निवारण सरदार, देवसिंह सरदार, राजकुमार सरदार, काजल सरदार, तुलसी सरदार, अमीर सिंह सरदार, बुद्धे सरदार, रूपन सरदार, जयगोपाल सरदार, दिलीप सरदार, रोहन सरदार, रविंद्र सरदार, अनंत सरदार, राजेंद्र सरदार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

