
घटकिंडी दुर्गा स्थान में मेले की सुरक्षा व्यवस्था का एसडीओ ने लिया जायजा
बेगूसराय/ राष्ट्र संवाद ब्यूरो
शारदीय दुर्गापूजा के अवसर पर बरौनी गांव स्थित घटकिंडी दुर्गा स्थान में आयोजित होने वाले मेले की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सोमवार की संध्या तेघड़ा के SDM नीरज सिन्हा ने मंदिर पहुंचकर मां दुर्गा का दर्शन किया और मेले की तैयारियों का जायजा लिया।
इस दौरान उन्होंने मेला पूजा समिति के सदस्यों और मंदिर के पुजारी से बातचीत कर आयोजन की तैयारियों की जानकारी ली। एसडीओ ने मेले में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा प्रबंध, विधि-व्यवस्था, आवागमन और पार्किंग व्यवस्था का निरीक्षण किया। दुर्गापूजा के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं,
160 वर्षों पुराना दुर्गा मंदिर आस्था का प्रमुख केंद्र
दुर्गा मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं ,बल्कि इतिहास, आस्था और लोक विश्वास का अनूठा संगम है। करीब 160 वर्ष से अधिक पुराने इस सिद्धपीठ में वर्ष भर श्रद्धालुओं का ताता लगा रहता है।
मनोकामना पूर्ण होने की मान्यता
स्थानीय लोगों को विश्वास है कि इस सिद्ध पीठ में सच्चे मन से मांगी गई मनोकामनाएं पूरी होती है यही वजह है कि आसपास के गांव के लोग किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले यहां आकर माता का आशीर्वाद लेना शुभ मानते हैं
लोक कथा से जुड़ी है मंदिर की विशेष पहचान
इतिहास से जुड़ी कथाएं और स्थानीय लोक मान्यताएं इस मंदिर को विशेष पहचान प्रदान करती है, शारदीय नवरात्र के दौरान मंदिर परिसर में विशेष पूजा अर्चना हवन और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाता है। इस अवसर पर बेगूसराय के अलावा आसपास के कई जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं, पूरे मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया जाता है,
अंग्रेजी शासन काल में हुआ था मंदिर का पुनर्निर्माण
मंदिर का पक्का निर्माण अंग्रेजी शासन काल में नील कोठी के तत्कालीन इंचार्ज लार्ड मेना ने कराया था वह लंबी समय तक गोली लगने के घाव से पीड़ित थे, पुजारी द्वारा हवन कुंड की भभूत उनके घाव पर लगाने से उनके घाव ठीक हो गया और इस चमत्कार से प्रभावित होकर उन्होंने मंदिर का पुनर्निर्माण कराया और मंदिर के नाम पर भूमि भी दान की थी।

