आज दिनांक 21.01.2022 को वर्चुअल माध्यम से उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री फैज अक अहमद मुमताज (भा.प्र.से.) की अध्यक्षता में त्रैमासिक जिला स्तरीय परामर्श दात्री समिति (डीएलसीसी/डीएलआरसी) की बैठक आहूत की गई।
बैठक में सीडी रेश्यो (ऋण/जमा अनुपात), वार्षिक ऋण योजना, वित्तीय वर्ष 2021-22 की उपलब्धियों की समीक्षा, सूक्ष्म एवं लघु तथा मध्यम उद्योग की समीक्षा, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम किसान के सभी लाभार्थियों को किसान क्रेडिट कार्ड देकर संतृप्त करने, प्रधानमंत्री मुद्रा लोन, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, स्वयं सहायता समूह एनआरएलएम, पीएम स्वनिधि योजना, ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण केंद्र द्वारा भेजे ऋण आवेदन एवं स्वीकृति की समीक्षा, सामाजिक सुरक्षा योजना, वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम, एफपीओ के प्रगति सहित अन्यान्य बिंदुओं पर बारी बारी से समीक्षा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा की सरकार द्वारा संचालित सभी योजनाओं के बेहतर कार्यान्वयन में बैंकों की भूमिका निःसंदेह महत्वपूर्ण होती है। बैंक अपनी जिम्मेवारी को समझें, अपने ग्राहकों से दोस्ताना व्यवहार करें। छोटी छोटी वजहों से बैंक द्वारा फॉर्म को अस्वीकृत कर दिया जा रहा है जबकि पुनः वही प्रक्रिया करने में गांवों के किसानों को काफी असुविधा होती है।
उन्होंने नाराजगी प्रकट करते हुए कहा बैंक कर्मियों की अनदेखी के कारण जिले के योग्य लाभुकों को कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई ऐसे छात्र छात्राएं हैं जो अपना खाता खुलवाने के लिए बैंक कर्मियों की उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं।
उन्होंने सभी बैंक के प्रतिनिधियों को कहा की कृपया अपनी कार्यशैली में सुधार लाएं। अपने दायित्व को समझें एवं इनिशिएटिव तरीके से काम करें।
कहा कि आम लोगों सहित लाभुकों को पूर्ण रूपेण सहायता प्रदान करें। उन्होंने कहा कि अपने दैनिक कार्यों के अतिरिक्त छात्रवृति हेतु छात्र छात्राओं को खाता खुलवाने में मदद करें। छोटी छोटी गलतियों के कारण उन्हें बार बार न दौड़ाएं। ऐसा करें की परेशानी ना हो।
वहीं उपायुक्त ने उन्होंने सभी शाखा प्रबंधको को केसीसी, एमसीपी आदि में ससमय निर्धारित लक्ष्य को पूर्ण करने का निर्देश दिया।
वहीं ऋण जमा अनुपात (सीडी रेशियो) की समीक्षा के दौरान लक्ष्य के अनुसार बेहतर प्रदर्शन नहीं करने वाले बैंक को सीडी रेशियो में सुधार करने हेतु निर्देशित किया। कहा कि कुछ बैंको की स्थिति अच्छी है तो कुछ की स्थिति बहुत खराब है, इसे सुधारें।
उपायुक्त ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन के तहत बेरोजगार युवक-युवतियों को दिए जाने वाले ऋण के लिए निर्धारित लक्ष्य की जानकारी ली। जिसमें बताया कि पीएमइजीपी के तहत कुल लक्ष्य संख्या 80 है। जिसमे बैंको को प्रेषित 240 आवेदन में 29 लाभुकों को स्वीकृत एवं 20 को राशि वितरित किया गया है।
वहीं स्वयं सहायता समूह में इस वित्तीय वर्ष में अब तक 1597 सीसीएल किया गया है जबकि 1046 सीसीएल प्रक्रियाधीन है जिस पर कार्रवाई को जा रही है।
उपायुक्त ने कहा कि जिस योजनाओं में निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति नहीं हुई है उसे प्राथमिकता के तौर पर देखें एवं अविलंब पूर्ण करें।
*केसीसी एवं मुद्रा लोन में अपेक्षित प्रगति लाने का मिला निर्देश*
किसान क्रेडिट कार्ड में सम्बन्धित बैंक द्वारा निर्धारित लक्ष्य के आपेक्षित प्रगति नहीं रहने पर नाराजगी व्यक्त किया। कहा कि प्रखंड से समन्वय स्थापित कर केसीसी योजना से योग्य किसानों को जोड़ें।
आरसेटी के तहत चलाए जा रहे प्रशिक्षण के तहत उपायुक्त द्वारा कहा गया कि सिलाई, कढ़ाई, बुनाई, कैंडल निर्माण, सौंदर्य करण, ब्यूटी पार्लर, सूप बनाना सहित अन्य तरह के कार्यों का ट्रेनिंग करवाएं ताकि अधिक से अधिक लोगों को ट्रेनिंग का लाभ मिले।
वहीं बताया गया कि डेयरी एवं फिशरी व्यवसाय हेतु बैंकों को प्राप्त कुल 28 आवेदन में से 11 लाभुकों के आवेदन को स्वीकृत किया गया।
बैठक में वर्चुअल माध्यम से मौके पर उप विकास आयुक्त श्री अनिल्सन लकड़ा,आरबीआई रांची से श्री अमित विशकर्मा, एलडीएम श्री कमलेश कुमार सिन्हा , जिला कृषि पदाधिकारी श्री सबन गुड़िया, जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी श्री अभय परासर, डीपीएम जेएसएलपीएस श्री सुदीप्तो बनर्जी सहित सम्बन्धित बैंकों के प्रतिनिधि, जेएसएलपीएस प्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित जुड़े।

