जीडी कॉलेज को बिजली आपूर्ति देने वाला गैस प्लांट बन रहा कूड़े का ढेर
चन्दन शर्मा की रिपोर्ट
बेगूसराय : कई दशक पूर्व जी डी कॉलेज के विज्ञान संकाय के विभिन्न विभागों में प्रयोगशाला के संचालन हेतु विद्युत आपूर्ति करने वाला प्लांट अब कॉलेज प्राचार्य की नासमझी के कारण कूड़े के ढेर में तब्दील हो रहा है l इस संबंध में एबीवीपी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सोनू सरकार एवं नगर मंत्री पुरुषोत्तम कुमार ने जी डी कॉलेज प्राचार्य से मिलकर इस धरोहर को अलग स्वरूप देने की मांग की है l इन्होंने कॉलेज प्राचार्य को कहा कि दोनों गैस चैंबर को मामूली खर्च पर खूबसूरत फव्वारा का रूप दिया जा सकता है जो कॉलेज आने वाले छात्र-छात्राओं के लिए मनोरंजन का साधन होगा और महाविद्यालय की सुंदरता भी बढ़ायेगा l साथ ही इन्होंने कहा कि जी डी कॉलेज कई ऐतिहासिक चीजों के लिए संपूर्ण बिहार में प्रख्यात था , कॉलेज की ख्याति का एक कारण यहां अवस्थित गैस प्लांट भी था l जिस समय जीडी कॉलेज बीपी स्कूल छात्रावास से उठकर अपने वर्तमान स्वरूप में आया और विज्ञान भवन का निर्माण हुआ तो उसी के साथ प्रयोगशाला हेतु गैस प्लांट का भी निर्माण हुआ , किंतु काल क्रम में कई प्राचार्य के द्वारा प्रयोगशाला को सुचारू रूप से चलाने का प्रयास न होने के कारण आज गैस प्लांट ठेकेदारों के हत्थे चढ गया है l इस गैस प्लांट से लाखों रुपए के लोहे की कटाई किया जा रहा है और उसे तहस-नहस करके कूड़े के ढेर में बदला जा रहा है l प्राचार्य से बातचीत के दौरान एबीवीपी कॉलेज इकाई के पूर्व अध्यक्ष तथा रसायन शास्त्र विभाग के नियमित छात्र आदित्य राज, अंशु कुमार एवं कॉलेज अध्यक्ष कुमार अमन ने बताया कि लगभग 2 साल से पीजी की पढ़ाई कर रहा हूं किंतु पिछले वर्ष भी लाखों रुपए की प्रैक्टिकल सामग्री प्रयोगशाला को दी गई और आज तक एक भी दिन प्रैक्टिकल करने का अवसर नहीं मिला l जिस प्रायोगिक परीक्षा के आधार पर छात्र छात्रा परीक्षा पास करते हैं वह अपने संपूर्ण स्नातक एवं स्नातकोत्तर परीक्षा काल में प्रयोगशाला का दर्शन भी नहीं कर पाते हैं l बिना प्रायोगिक परीक्षा पास किए छात्र छात्रा ना तो इंटर कर सकते हैं ना ही स्नातक व स्नातकोत्तर उत्तीर्ण हो सकते हैं किंतु वे प्रयोगशाला की सामग्री को बिना पहचाने ही डिग्री प्राप्त कर रहे हैं l राष्ट्रीय कला मंच के जिला संयोजक राहुल कुमार ,प्रह्लाद कुमार, अंकित कुमार ने कहा कि जब प्रत्येक वर्ष प्रयोगशाला शुल्क के नाम पर 10 लाख से अधिक की राशि छात्र-छात्रा महाविद्यालय को देते हैं तो किन कारणों से छात्र छात्राओं को प्रयोगशाला से वंचित रखा जाता है इस बात का जवाब प्राचार्य को देना होगा l महामारी की स्थिति सामान्य होते ही एबीवीपी अनिश्चितकालीन अनशन करेगी ताकि सभी प्रयोगशाला को सुचारू रूप से चालू किया जा सके l विद्यार्थी परिषद छात्र हितों से कभी समझौता नहीं कर सकती है और हम महाविद्यालय में शैक्षणिक माहौल बनाने को लेकर हमेशा संकल्पित रहे हैं l मौके पर रोशन अभिनव ,सत्यम, शिव सहित कई छात्र नेता मौजूद थे l

