लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
शारदीय नवरात्र को लेकर खोदावंदपुर प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न दुर्गा मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ दुर्गा पूजा को लेकर विभिन्न मंदिरों में कलश स्थापना, निकाली गई शोभायात्रा का आयोजन किया गया. इस दौरान श्रद्धालुओं ने कलश शोभायात्रा निकाली और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पवित्र नदियों से जल भरकर मंदिर परिसर में कलश स्थापित किया. पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना रहा.
दुर्गा पूजा को लेकर विभिन्न मंदिरों में कलश स्थापना की धूम
मनोकामना दुर्गा मंदिर ब्रह्मस्थान, तेतराही में पुजारी राजकुमार भगत के नेतृत्व में 51 कलशधारियों ने कलश शोभायात्रा में भाग लिया. शोभा यात्रा ब्रह्मस्थान तेतराही से निकलकर गांव का भ्रमण करते हुए बूढ़ी गंडक नदी के बाड़ा कंकड़ी घाट पहुंची. वहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश में जल भरा गया. इसके बाद शोभायात्रा वापस कार्यक्रम स्थल पहुंची, जहां धार्मिक विधि-विधान के साथ कलश स्थापना का कार्यक्रम संपन्न हुआ.
वहीं मसुराज स्थित सर्व मनोकामना मंदिर में 125 कलशधारियों ने भाग लिया. श्रद्धालु झमटिया से गंगाजल लाकर मंदिर परिसर में कलश में जल भरा और विधि-विधान के साथ कलश स्थापना की. इसी तरह तारा बरियारपुर स्थित मां दुर्गा पूजा समिति की ओर से 45 तथा चलकी स्थित मां भवानी पूजा समिति की ओर से 61 कलश स्थापित किए गये.
धार्मिक आस्था और परंपरा का संगम
श्रद्धालुओं ने बूढ़ी गंडक नदी के रामघाट सहित अन्य घाटों से कलश में जल भरकर पूजा-अर्चना की. इसके अतिरिक्त बाड़ा, नारायणपुर, सागीडिह, तेतराही, पथराहा, चकयद्दू तथा मेघौल पेठिया स्थित सार्वजनिक दुर्गा मंदिरों में भी कलश स्थापना की गयी. नवरात्र को लेकर विभिन्न मंदिरों में पूजा-पाठ और धार्मिक गतिविधियां शुरू हो गयी हैं. श्रद्धालुओं में पूजा को लेकर उत्साह देखा जा रहा है.
हिंदू धर्म में नवरात्र का विशेष महत्व है और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कलश स्थापना सुख-समृद्धि का प्रतीक मानी जाती है. खोदावंदपुर के इन मंदिरों में उमड़ी भीड़ इस बात का प्रमाण है कि लोगों की आस्था आज भी परंपराओं में गहराई से रची-बसी है.

