Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » यूसिल में दवाइयों के अभाव में कभी भी भूतपूर्व कर्मचारियों की जा सकती है जान , टेंडर खत्म होने से शुगर समेत कई जीवन रक्षक दवाइयों भी अस्पताल में खत्म , मरीज परेशान
    Breaking News Headlines कारोबार खबरें राज्य से चाईबासा जमशेदपुर झारखंड सरायकेला-खरसावां हजारीबाग

    यूसिल में दवाइयों के अभाव में कभी भी भूतपूर्व कर्मचारियों की जा सकती है जान , टेंडर खत्म होने से शुगर समेत कई जीवन रक्षक दवाइयों भी अस्पताल में खत्म , मरीज परेशान

    Aman KumarBy Aman KumarMay 29, 2025No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    यूसिल में दवाइयों के अभाव में कभी भी भूतपूर्व कर्मचारियों की जा सकती है जान , टेंडर खत्म होने से शुगर समेत कई जीवन रक्षक दवाइयों भी अस्पताल में खत्म , मरीज परेशान
    राष्ट्र संवाद संवाददाता
    जादूगोड़ा : यूसिल अपनी पुरानी गौरव आहिस्ता _ आहिस्ता खोता जा है। जिसका जीवंत उदाहरण यूसिल अस्पताल में बृहस्पतिवार को देखने को मिला। यहां बीते एक पखवाड़े से दवा आपूर्ति का टेंडर खत्म है। जिसकी वजह से अस्पताल आने वाले मरीजों शुगर व ब्लड समेत अन्य कई जीवन रक्षक दवाइयां नहीं मिल रही है व लोग बिना दवा के ही यूसिल अस्पताल से लौट रहे है।यह सिलसिला बीते एक महीने से चल रहा है।जिसकी सुधि लेने वाला न तो यूसिल के अध्यक्ष सह प्रबंध निर्देशक डॉक्टर संतोष सतपति व न ही कोई वरीय अधिकारी। इस बाबत अस्पताल प्रबंधन कहती है कि दवाइयां नहीं होने से प्रतिदिन 200 ओ पी ड़ी मे आने वाले मरीजों की संख्या काफी घटी है। इक्के_ दुक्के लोग ही अस्पताल पहुंच रहे है।पूरा अस्पताल परिसर में दवा की कमी से सन्नाटा पसरा हुआ है। आलम यह है कि डॉक्टर तो है दवा नहीं होने से डॉक्टर बैठ कर कम्पनी का तनख्वाह ले रहे है।वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर कुछ दवाइयां कंपनी अपने स्तर मरीजों को दे रही है वह नकाफी है। फिलहाल ज्यादातर दवाइयों खरीद कर यूसिल कर्मियों को पड़ रहा है जबकि कंपनी के भूत पूर्व कर्मी को बिना दवा के ही लौट रहे है।अस्पताल प्रबंधन की माने तो यूसिल में दवा आपूर्ति टेंडर का फाइल यूसिल बोर्ड के समक्ष बीते 20 मई को रखी गई थी, दस्तावेज में कमी को लेकर फाइल होल्ड पर रखी गई है। दो दिन पूर्व में कंपनी प्रबंधन की ओर से यूसिल बोर्ड द्वारा मांगी गई रिपोर्ट भेजी गई है जहां से मंजूरी होने के पश्चात तक 20_ 25 दिन ओर लगेगे। फिलहाल मरीजों को ओर बिना दवा के ही दिन गुजारने होगे। खरीद कर लोगों को खानी पड़ रही है।फिलहाल यूसिल कर्मी बाहर से दावा खरीद कर बिल भरते है जिसे भुगतान होने में पांच _ महीने लगते है जबकि भूतपूर्व कर्मचारियों को तो दवा के लाले पड़ गए है। मुश्किल से एकाध दवाइयां मिलती है। दवा के अभाव में अस्पताल कर्मी आराम फरमा रहे है व फुर्सत में गप्पे लड़ाते अस्पताल में मिल जायेगे।

    दवा के अभाव में सुना पड़ा यूसिल अस्पताल में पसरा सन्नाटा, डॉक्टर बैठ का के रहे है तन्खाह, सुधि लेने वाला कोई नहीं

    जादूगोड़ा ; बीते 15 दिनों से यूसिल अस्पताल में दवाइयां खत्म हो जाने से अस्पताल परिसर में सन्नाटा पसरा हुआ है। डॉक्टर चेंबर में बैठ कर तनख्याह ले थे है। जिसकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है। जिसको लेकर भूतपूर्व यूसिलकर्मी सवाल उठा रहे है कि यूसिल दूसरों की एम्बुलेंस बाट कर वाह _ वाही लूट रही है कंपनी के *अस्पताल में दवाइयां नदारत है। ऐसी समाजसेवा का क्या मतलब
    जबकि यूसिल के भूतपूर्व कंपनी कर्मी दवा की अभाव में इधर _ उधर भटक रहे है बहरहाल देखना यह है टेंडर की आड में मरीजों को दवा से वंचित रखना कितना जायज है जिस पर कब तक विराम लगेगा यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा लेकिन कंपनी की इस रवैया से उसकी वर्षों की साख पर कम्पनी के अधिकारी ही बट्टा लगा रहे है।

    टेंडर खत्म होने से शुगर समेत कई जीवन रक्षक दवाइयों भी अस्पताल में खत्म मरीज परेशान यूसिल में दवाइयों के अभाव में कभी भी भूतपूर्व कर्मचारियों की जा सकती है जान
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleजमशेदपुर में राष्ट्रीय कन्नौजिया सोनार महापरिवार द्वारा जिले के नये वरीय पुलिस अधीक्षक का स्वागत किया गया।
    Next Article बीडीओ मोहम्मद जमाले राजा के अध्यक्षता में वैश्विक स्तर पर प्लास्टिक कचरा प्रदूषण की समाप्ति अभियान का शुभारंभ किया गया

    Related Posts

    हस्तशिल्प निर्यात को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता कार्यक्रम, उद्यमियों को दी गई अहम जानकारी

    June 17, 2026

    रांची में आरएसएस कार्यालय पर हमला: लोकतंत्र के लिए ख़तरा

    June 17, 2026

    जिला योजना समिति की बैठक में 139 विकास योजनाओं पर मंथन, 38 योजनाओं को मिली स्वीकृति

    June 17, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    हस्तशिल्प निर्यात को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता कार्यक्रम, उद्यमियों को दी गई अहम जानकारी

    रांची में आरएसएस कार्यालय पर हमला: लोकतंत्र के लिए ख़तरा

    जिला योजना समिति की बैठक में 139 विकास योजनाओं पर मंथन, 38 योजनाओं को मिली स्वीकृति

    रांची में आरएसएस कार्यालय हमले की जांच तेज: एसआईटी, एनआईए जुटी

    अमेरिका ने बदला ‘इंडो-पैसिफिक कमांड’ का नाम: भारत के लिए रणनीतिक संदेश?

    मोदी-ट्रंप वार्ता: भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर ज़ोर

    झारखंड राज्यसभा चुनाव: सियासी हलचल और रिजॉर्ट राजनीति

    सुबह झमाझम बारिश, दोपहर में निकली तेज धूप; जमशेदपुर में फिर बढ़ा तापमान

    21 जून को गुरुद्वारा साहिब साकची में सजेगा भव्य कीर्तन दरबार, बीबी जसप्रीत कौर करेंगी गुरुबाणी कीर्तन

    पानी को दूषित किए जाने से और पेड़ काटे जाने से ग्रामीणों में नाराजगी

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.